
फ्रॉड किया 6,203 करोड़ का, ED ने रिकवर किए 14,131 करोड़... अब विजय माल्या का आया बयान
AajTak
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणा के बाद विजय माल्या ने 14,131 करोड़ रुपये की वसूली पर ED की आलोचना की. ED ने भारी मात्रा में अवैध संपत्तियों की पहचान कर जब्ती की थी, जिसमें 2021 में बैंक कंसोर्टियम को 14,130 करोड़ रुपये की संपत्तियों की वापसी का आदेश दिया गया था.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते दिन ऐलान किया था कि ईडी ने अलग-अलग मामलों में 22 हजार करोड़ रुपये की रिकवरी की है. इसमें भगोड़े बिजनेसमैन विजय माल्या से 14,131 करोड़ रुपये की रिकवरी भी शामिल है. वित्त मंत्री के ऐलान के बाद किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख ने एजेंसी पर निशाना साधा है.
एक्स पर एक पेस्ट में, माल्या ने कहा, "डेब्ट रिकवरी ट्रायब्यूनल ने कएफए का लोन 6,203 करोड़ रुपये आंका, जिसमें 1,200 करोड़ रुपये का ब्याज भी शामिल है. वित्त मंत्री ने संसद में घोषणा की कि ईडी के माध्यम से बैंकों ने 6,203 करोड़ रुपये के बदले 14,131 करोड़ रुपये की वसूली की गई, और मैं अभी भी एक आर्थिक अपराधी हूं."
यह भी पढ़ें: ED ने विजय माल्या, नीरव मोदी से ₹22 हजार करोड़ की संपत्ति वापस ली: वित्त मंत्री
विजय माल्या ने कहा, "जब तक ईडी और बैंक कानूनी रूप से यह साबित नहीं कर सकते कि उन्होंने दोगुने से अधिक लोन रिकवर कैसे किया है, मैं राहत का हकदार हूं, जिसके लिए मैं कोशिश करूंगा."
ईडी ने कैसे और क्यों 14,131 करोड़ रुपये बरामद किए
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2015 और 2016 में माल्या के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए थे. आरोप लगाया गया था कि फर्जी लोग हासिल करके बैंक के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को धोखा देने के लिए उनके द्वारा आपराधिक साजिश रची गई थी. इस रकम को शेल कंपनियों का इस्तेमाल करके भारत और विदेशों में निकाला गया.

कराची के गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में शनिवार रात लगी भीषण आग पर रविवार रात 10 बजे के बाद काबू पा लिया गया है. सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस दुखद घटना में एक दमकलकर्मी सहित 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के बीच 50 से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.

दुनिया में युद्ध का शोर बढ़ रहा है और शांति कमजोर पड़ रही है. अमेरिका ईरान को लेकर सख्त है जबकि ग्रीनलैंड को लेकर अपनी ताकत दिखा रहा है. रूस और यूक्रेन की जंग सालों से जारी है और यूरोप में न्यूक्लियर खतरे की बातें हो रही हैं. एशिया में इस्लामिक नाटो का गठन हो रहा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है. ग्रीनलैंड की भू-राजनीति अब वैश्विक शक्ति संघर्ष का केंद्र बन चुकी है जहां अमेरिका, चीन और रूस अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत सहित पूरे विश्व पर इन घटनाओं का गहरा प्रभाव पड़ रहा है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की धमकी का विरोध कर रहे हैं. अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ गया है. मिनियापोलिस में अमेरिकी एजेंट की गोलीबारी के बाद प्रदर्शन जोर पकड़ रहे हैं. सीरिया में अमेरिकी सेना की कार्रवाई में एक प्रमुख आतंकवादी मारा गया. ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका को देश में फैली अशांति का जिम्मेदार बताया. ट्रंप का गाजा पीस प्लान दूसरे चरण में पहुंचा है। जेपी मॉर्गन के सीईओ ने कहा कि उन्हें फेडरल रिजर्व चेयर बनने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला. वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के खिलाफ क्यूबा में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ.

पूर्वी चीन के जिआंगसू प्रांत के लियानयुंगांग में शुवेई न्यूक्लियर पावर प्लांट के निर्माण की शुरुआत हो गई है, जो चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत पहली परमाणु परियोजना है. यह दुनिया की पहली परियोजना है जिसमें हुआलोंग वन और हाई टेम्परेचर गैस कूल्ड रिएक्टर को एक साथ जोड़ा गया है, जिससे बिजली के साथ हाई-क्वालिटी स्टीम भी तैयार होगी.









