
फीफा में अमेरिका से ईरान के हारने पर ईरानियों ने ही मनाया ऐसा शानदार जश्न, Video वायरल
AajTak
फीफा वर्ल्ड कप 2022 के मैच में बुधवार को अमेरिका की टीम ने ईरान की टीम को हरा दिया. हैरान करने वाली बात यह है कि ईरान में इस हार का जश्न मनाया गया. अमेरिका से शिकस्त मिलने के बाद भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतरें और अपनी ही टीम की हार को सेलिब्रेट किया.
फीफा वर्ल्ड कप 2022 में जब किसी देश की टीम किसी मैच में जीत हासिल करती है तो उस देश में जमकर जश्न मनाया जाता है. वास्तव में किसी भी खेल में अपनी टीम के जीतने पर लोगों की यही प्रतिक्रिया होती है. लेकिन ईरान के लोगों ने फीफा में अपनी ही टीम के हारने पर कुछ ऐसा किया जो आपको हैरान कर देगा. दरअसल, मंगलवार देर रात हुए फुटबॉल मैच में अमेरिका ने ईरान की टीम को हरा दिया जिसके बाद ईरान के लोगों ने इस हार का जमकर जश्न मनाया.
फुटबॉल मैच में खुद की ही टीम की हार को सेलिब्रेट कर रहे यह सभी लोग महसा अमीनी की मौत मामले में हो रहे प्रदर्शनों से जुड़े हैं. सोशल मीडिया पर मैच हारने पर मनाए जा रहे जश्न की फोटो-विडियो वायरल हो रहे हैं. वीडियो में काफी संख्या में लोग जश्न मनाते हुए नाचते-गाते नजर आ रहे हैं.
खास बात है कि ईरानी टीम की हार के बाद ट्विटर पर जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनमें लोग ना सिर्फ सड़कों पर डांस करते हुए नजर आ रहे हैं बल्कि टायर जलाकर और चिल्लाकर अपनी खुशी भी बयां कर रहे हैं.
दरअसल, ईरान में 22 साल की महसा अमीनी की हिजाब विवाद में पुलिस कस्टडी में हुई मौत के बाद से ही बवाल मचा हुआ है. महीनों से काफी संख्या में ईरानी लोग सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इन प्रदर्शनों में काफी संख्या में लोगों की मौत भी हो गई है.
प्रदर्शनकारियों ने फीफा वर्ल्ड कप में अपनी टीम का समर्थन करने का इनकार कर दिया गया था. इसके बावजूद सरकार ने टीम को फीफा में हिस्सा लेने भेजा, जिस पर कई देशों ने भी नाराजगी जताई थी.
इस मामले में एक पत्रकार Joyce Karam ने ट्विटर पर कहा कि महसा अमीनी के होमटाउन साकेज समेत कई अन्य शहरों में भी ईरान के लोग पटाखे जलाकर जश्न मना रहे हैं. साकेज में तो लोगों ने अमेरिका का पहला गोल होते ही सेलिब्रेशन शुरू कर दिया था.

अमेरिका और ईरान में इस समय टकराव देखने को मिल रहा है. अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दे रहा है. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. हालांकि, अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. लगातार धमकियों के बावजूद ईरान पर सीधे हमले से क्यों बच रहा अमेरिका? देखें श्वेतपत्र.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. वहीं अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान ने इजरायल के आठ प्रमुख शहरों पर हमले की योजना तैयार की है. इस बढ़ती तनाव की स्थिति से मध्य पूर्व में सुरक्षा खतरे और बढ़ सकते हैं.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए ट्रंप को ईरान में हुई मौतों, नुकसान और बदनामी के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें 'अपराधी' बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में हालिया अशांति अमेरिका की साजिश है और ट्रंप ने खुद इसमें दखल देकर प्रदर्शनकारियों को उकसाया.

व्हाइट हाउस ने गाजा को फिर से बसाने और उस पर शासन के लिए बने 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों की लिस्ट जारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोर्ड के अध्यक्ष होंगे. जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सदस्य होंगे. देखें दुनिया आजतक.

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. अयातुल्ला अली खामेनेई की हुकूमत ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए फांसी जैसे खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया तो अमेरिका ने सीधे एक्शन की चेतावनी दे डाली. हालांकि बाद में ईरान और ट्रंप के ताजा बयानों ने दुनिया को थोड़ी राहत दी. मगर ईरान संकट अब सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि वैश्विक टकराव का संकेत बनता जा रहा है.








