
प्यार, राजनीति या इमेज मेकओवर... Elon Musk अपने 4 साल के बेटे को हर मीटिंग में क्यों ले जाते हैं?
AajTak
चाहे पीएम मोदी से मुलाकात हो या व्हाइट हाउस का दौरा, Elon Musk का बेटा X हमेशा उनके साथ दिखता है. मस्क अपने 4 साल के बेटे को हर जगह क्यों ले जाते हैं? इसकी वजह उनका अकेलापन हो सकता है, अपनी छवि को बेहतर बनाने की रणनीति हो सकती है या फिर वह अपने बेटे को अपनी विरासत का हिस्सा दिखाना चाहते हों.
गायिका और Elon Musk की पूर्व पार्टनर ग्राइम्स ‘Dune’ (2021) फिल्म देखकर रो पड़ी थीं. फिल्म के मुख्य किरदार पॉल अत्रेयडिस को देखकर उन्हें अपना बेटा X Æ A-Xii यानी X याद आ गया. यह वही बच्चा है, जिसे मस्क अपना उत्तराधिकारी मानते हैं, अपनी मीटिंग्स में साथ रखते हैं और हर जगह अपने क्यूटनेस प्रॉप के तौर पर ले जाते हैं. 4 साल का X अब तक व्हाइट हाउस, अंतरिक्ष यात्रियों की बैठकों और दुनियाभर के प्रधानमंत्रियों और राष्ट्रपतियों के साथ नजर आ चुका है. मस्क के लिए X उनका 'उत्तराधिकारी' हो सकता है, लेकिन इसकी एक और बड़ी वजह है कि वह अपने बेटे को हर जगह ले जाते हैं.
दुनिया के सबसे अमीर इंसान और DOGE (Department of Government Efficiency) के मुखिया मस्क के पास सब कुछ है, लेकिन वह यह दिखाना भी चाहते हैं कि उनके पास सब कुछ है. Elon Musk की शादी दो बार टूट चुकी है, उनके कई रिश्ते भी नाकाम रहे. ऐसे में पति के तौर पर भले वह 'बेस्ट' न हों, लेकिन पिता के तौर पर वो बेस्ट दिखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. कम से कम अपने इस बेटे के लिए, जिसके पहले कुछ शब्द थे – 'कार, रॉकेट और डैडी'.
मस्क के बच्चे कई इवेंट्स में देखे गए हैं. 2015 में सिलिकॉन वैली स्थित टेस्ला फैसिलिटी में उनके पांचों बच्चे मस्ती करते दिखे थे. पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान भी उनके बच्चे साथ नजर आए थे. लेकिन, 11 बच्चों के पिता मस्क को यकीन है कि X उनके लिए खास है.
X, SPACEX और मस्क की एक्सेस
मस्क के बायोग्राफर वॉल्टर आइजैकसन के मुताबिक, मस्क को जन्म के वक्त से ही लगा था कि X उनके लिए 'स्पेशल' है. मस्क को X की मासूमियत और शांत स्वभाव ने आकर्षित किया और वह हमेशा उसे अपने पास रखना चाहते हैं.
मस्क को शायद लगता है कि 'X' उनके लिए लकी है. उन्होंने ट्विटर का नाम बदलकर X कर दिया, उनकी स्पेस कंपनी का नाम SpaceX है और हां, उनके पास एक लंबी लिस्ट 'Exes' की भी है, जिसमें X की मां ग्राइम्स भी शामिल हैं.

ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग का आज 19वां दिन है. लेकिन ये जंग अब थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी है. इस बीच ईरान ने दुबई पर फिर हमला किया है. इस हमले का वीडियो भी सामने आया है. हमले के बाद दुबई के कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी. दुबई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर तबाह किया.

ईरान और अमेरिका की जंग का आज 19वीं दिन है. इस बीच इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद अब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेसों पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने मिसाइल हमलों का वीडियो भी जारी किया है. IRGC ने कहा कि हमले में मल्टी-वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों समेत कई और घातक मिसाइलें शामिल हैं.

अमेरिका ने होर्मुज के समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है. अमेरिकी राष्पति ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि उनके साथी देश (नाटो) इस लड़ाई में साथ नहीं दे रहे हैं. इस हमले का मकसद तेल की सप्लाई को बहाल करना और ईरानी मिसाइलों के खतरे को खत्म करना है.

ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.

महायुद्धघ का आज 18वा दिन है. जहां मिसाइल-बम-रॉकेट के बीच इस वक्त सस्पेंस, थ्रिलर और सवालों की पहेली भी उलझती जा रही है. ईरान से जंग शुरू करने की अमेरिका में विरोध शुरू हो गया है अमेरिका की काउंटर टेरिरज्म सेंटर के निदेशक ने ईरान से युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे दिया है. जो कैंट नाम के अफसर ने ट्रंप पर इजरायल के दबाव में युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया. दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है. इस अफसर ने अमेरिका में यहूदी लॉबी को भी आड़े हाथों लिया.







