
पेजर हैक हुए या मोसाद ने डिवाइस बनाने वाली कंपनियों से की डील... लेबनान सीरियल ब्लास्ट के बाद उठे सवाल
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लेबनान में पेजर सीरियल ब्लास्ट में हजारों लोग घायल हो गए हैं, जिसमें कुछ लोगों के मारे जाने की भी पुष्टि हुई है. दावा किया जा रहा है कि जिन पेजर्स में धमाके हुए हैं उन्हें हिज्बुल्लाह ने हाल ही में खरीदे थे. इस बीच कई तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं, जिसमें MOSSAD और डिवाइस बनाने वाली कंपनी के बीच सांठगांठ के दावे भी शामिल हैं.
लेबनान में उस समय अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया, जब यहां एक के बाद एक सैकड़ों पेजर्स फट गए. इस सीरियल ब्लास्ट में कम से कम आठ लोग मारे गए हैं, और 2000 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. हिज्बुल्लाह ने इस धमाके के लिए इजरायल को जिम्मेदार माना है. कई दावे किए जा रहे हैं, जिसमें डिवाइस हैकिंग और इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद और पेजर डिवाइस बनाने वाली कंपनी के बीच सांठगांठ के दावे भी शामिल हैं.
इस बीच बड़ी जानकारी सामने आई है कि जिन पेजर्स में ब्लास्ट हुए हैं, वे हाल ही में खरीदे गए थे. दरअसल, इजरायली सर्विलांस से बचने के लिए हिज्बुल्लाह के लड़ाके पेजर्स जैसे कम्युनिकेशन सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं. इससे वे इजरायल की पकड़ से बच पाते हैं.
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हाल ही में खरीदे गए थे ब्लास्ट होने वाले पेजर्स
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो लेबनान की राजधानी बेरूत में विस्फोट करने वाले पेजर्स अल्फान्यूमेरिक हैं. संभावित रूप से इसे ताइवान की गोल्ड अपोलो कंपनी लिमिटेड ने बनाई थी. हालांकि, आजतक इस तरह के दावों की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन दावा है कि जो पेजर्स ब्लास्ट हुए हैं, उनके लेबल ताइवानी कंपनी से मिलते-जुलते हैं. इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के दावे के मुताबिक, इन्हें हिज्बुल्लाह ने हाल ही में खरीदे थे.
लेबनान के साथ सीरिया में भी ब्लास्ट के दावे

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