
पीएम मोदी पर ओबामा की टिप्पणी को लेकर अमेरिकी अधिकारी ने क्या कहा?
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पीएम मोदी की अमेरिकी यात्रा के दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि अगर मेरी बातचीत पीएम मोदी से होती तो मैं यही कहता कि आप भारत में जातीय अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा नहीं करते हैं, तो मुमकिन है कि भविष्य में भारत में विभाजन बढ़े. ओबामा की इस टिप्पणी पर अमेरिकी अधिकारी ने टिप्पणी की है.
पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे के दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर की गई टिप्पणी से अमेरिका ने पल्ला झाड़ लिया है. अमेरिकी व्हाइट हाउस के एक सीनियर प्रशासनिक अधिकारी ने अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट 'हिंदुस्तान टाइम्स' से बात करते हुए कहा कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा एक नागरिक हैं और पीएम मोदी के दौरे के दौरान भारत पर की गई उनकी टिप्पणियों का अमेरिकी सरकार से कोई संबंध नहीं था.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने टीवी चैनल CNN को दिए इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को सलाह दी थी कि उन्हें पीएम मोदी से बातचीत के दौरान मुस्लिम अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के मुद्दे को उठाना चाहिए.
ओबामा ने कहा था कि अगर मेरी बातचीत पीएम मोदी से होती तो मैं यही कहता कि आप भारत में जातीय अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा नहीं करते हैं, तो मुमकिन है कि भविष्य में भारत में विभाजन बढ़े जो भारत के हितों के विपरीत होगा.
ओबामा एक नागरिक, व्हाइट हाउस से लेना-देना नहींः अमेरिका
व्हाइट हाउस के सीनियर अधिकारी ने HT से बात करते हुए कहा, "राष्ट्रपति बाइडेन ने पीएम मोदी के साथ हर तरह के मुद्दे को उठाया. हालांकि, मैं दोनों नेताओं के बीच हुई निजी बातचीत के बारे में टिप्पणी नहीं करूंगा. बाइडेन सरकार पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का बहुत सम्मान करता है. लेकिन वह अमेरिका के एक नागरिक (प्राइवेट सिटीजन) हैं और मोदी की यात्रा के दौरान भारत पर की गई उनकी टिप्पणियों को लेकर व्हाइट हाउस से कोई चर्चा नहीं की गई थी.
व्हाइट हाउस के अधिकारी से जब यह पूछा गया, "एक ओर ओबामा भारत को लेकर सख्त टिप्पणी करते हैं और दूसरी तरफ राष्ट्रपति बाइडेन भारत की प्रशंसा करते हैं. क्या इसके पीछे कोई रणनीति है?

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