
पाकिस्तान में दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष, 36 लोगों की मौत, 162 घायल
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चार दिन पहले जमीन विवाद को लेकर दो जनजातियों के बीच झड़प हो गई थी. झड़पें पीवर, तांगी, बालिशखेल, खार कलाय, मकबल, कुंज अलीजई, पारा चमकानी और करमन सहित अन्य क्षेत्रों में फैल गईं. स्थानीय निवासियों ने कहा कि प्रतिद्वंद्वी एक-दूसरे के खिलाफ मोर्टार गोले और रॉकेट लॉन्चर भी दागे.
पाकिस्तान में रविवार को दो जनजातियों के बीच हिंसक झड़प की खबर सामने आई है. इस टकराव में 36 लोगों की मौत हो गई और 162 लोग घायल हो गए. दोनों समूहों के बीच यह टकराव भूखंड के विवाद के तौर पर शुरू हुआ और भीषण हिंसा में तब्दील हो गया. यह विवाद उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के अशांत आदिवासी जिले में हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि ऊपरी कुर्रम जिले के बोशेरा गांव में पांच दिन पहले भीषण झड़पें शुरू हुई थीं.
जमीन के टुकड़े को लेकर संघर्ष अधिकारियों ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में अशांत आदिवासी जिले में जमीन के एक टुकड़े को लेकर दो जनजातियों के बीच सशस्त्र संघर्ष में कम से कम 36 लोग मारे गए और 162 अन्य घायल हो गए. बता दें कि इस इलाके में पहले जनजातियों और धार्मिक समूहों के बीच घातक संघर्ष के साथ-साथ सांप्रदायिक झड़पें और आतंकवादी हमले भी हो चुके हैं. कुर्रम के उपायुक्त जावेदुल्लाह महसूद ने कहा कि अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम जिले में पिछले पांच दिनों में आदिवासी संघर्ष में 36 लोग मारे गए और 162 अन्य घायल हो गए.
कुछ अन्य हिस्सों में भी गोलीबारी जारी पुलिस ने कहा कि अधिकारियों ने आदिवासी बुजुर्गों, सैन्य नेतृत्व, पुलिस और जिला प्रशासन की मदद से कुछ समय पहले बोशेरा, मलिकेल और दांदर इलाकों में शिया और सुन्नी जनजातियों के बीच संघर्ष विराम कराया है. हालांकि, जिले के कुछ अन्य हिस्सों में गोलीबारी अभी भी जारी है. एक अधिकारी ने कहा कि बाकी इलाकों में भी संघर्ष विराम के लिए प्रयास किये जा रहे हैं. आदिवासी लड़ाकों ने खाइयाँ खाली कर दी हैं, जो अब कानून लागू करने वालों के नियंत्रण में हैं.
मोर्टार और रॉकेट भी दागे गए चार दिन पहले जमीन विवाद को लेकर दो जनजातियों के बीच झड़प हो गई थी. झड़पें पीवर, तांगी, बालिशखेल, खार कलाय, मकबल, कुंज अलीजई, पारा चमकानी और करमन सहित अन्य क्षेत्रों में फैल गईं. स्थानीय निवासियों ने कहा कि प्रतिद्वंद्वी एक-दूसरे के खिलाफ मोर्टार गोले और रॉकेट लॉन्चर सहित भारी और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे थे. उन्होंने बताया कि कुर्रम आदिवासी जिले के मुख्य शहरों पाराचिनार और सद्दा पर भी मोर्टार और रॉकेट के गोले दागे गए.
सुरक्षाबल तैनात, तनाव बरकरार एक अधिकारी ने कहा, "पिछली रात की मुठभेड़ में कम से कम चार बार हमले हुए, जिसके परिणामस्वरूप अधिक लोग हताहत हुए." सभी शैक्षणिक संस्थान और बाजार बंद रहे, जबकि मुख्य सड़कों पर यातायात दिन के दौरान निलंबित रहा. अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों में पुलिस और सुरक्षा बलों की भारी टुकड़ियां तैनात की गई हैं.

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