
'पाकिस्तान भारत के खतरे को हल्के में...', हार पर PAK पत्रकार ने शहबाज सरकार को दी ये सलाह
AajTak
भारत से लड़ाई में पाकिस्तान को मिली हार के बाद वहां के एक पत्रकार का कहना है कि पाकिस्तान के पास अपनी सुरक्षा को बेहतर बनाने और दूसरे दौर की तैयारी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. उनका कहना है कि पाकिस्तान भारत के खतरे को हल्के में नहीं ले सकता है.
'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए भारत ने पाकिस्तान को जो चोट पहुंचाई है, उसकी भरपाई में उसे लंबा वक्त लग जाएगा. पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के साथ 1960 में हुआ सिंधु जल समझौता भी रद्द कर दिया था जिससे उसका हलक सूखा हुआ है. पाकिस्तान ने हाल ही में जल शक्ति मंत्रालय को एक पत्र लिखकर निलंबन पर पुनर्विचार की अपील की थी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी विवाद सुलझाने के लिए भारत को बातचीत का ऑफर दे रहे हैं. इस बीच पाकिस्तान में भारत के हमलों से हुई तबाही और लड़ाई में हार को लेकर कहा जाने लगा है कि उसे अपनी तैयारियां मजबूत करनी होगी.
पाकिस्तान के अखबार 'डॉन' में बिजनेस और इकोनॉमी जर्नलिस्ट खुर्रम हुसैन ने एक लेख लिखा है जिसमें वो कह रहे हैं कि भारत ने हाल में जो किया, उसे देखते हुए पाकिस्तान को रक्षा तैयारियां करने की जरूरत है और इन तैयारियों पर किसी तरह का सवाल नहीं उठाया जा सकता.
पाकिस्तान ने 2022 में चीन से J-10 फाइटर जेट खरीदे थे. यह वो वक्त था जब पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग खाली हो चुका था और देश डिफॉल्ट के कगार पर था. तब पाकिस्तान के लोगों ने अपनी सरकार की काफी आलोचना की कि सरकार के पास जरूरी सामान आयात करने के पैसे नहीं है लेकिन चीन से फाइटर जेट खरीदे जा रहे हैं.
खुर्रम हुसैन ने लिखा है कि अब जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो जेट खरीदने का फैसला सही लगता है. उन्होंने लिखा कि पाकिस्तान के सामने एक ऐसा देश खड़ा है जिसका मुकाबला करने के लिए सबसे बेहतरीन स्तर की तैयारी करने की जरूरत है.
पाकिस्तानी पत्रकार ने लिखा, 'अब यह बात साफ है कि पाकिस्तान के पास अपनी सुरक्षा को बेहतर बनाने और दूसरे दौर की तैयारी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. पाकिस्तान इस (भारत के) खतरे को हल्के में नहीं ले सकता. सरकार जब वित्त वर्ष 2026 का बजट तैयार करेगी तो उसे अपना डिफेंस एडवांस बनाने और युद्ध के दौरान खाली हुए हथियारों के भंडार को दोबारा भरने की जरूरत को ध्यान में रखना होगा.'
भारत से मिली हार और जीत का ढिंढोरा पीट रहा पाकिस्तान

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.

महायुद्धघ का आज 18वा दिन है. जहां मिसाइल-बम-रॉकेट के बीच इस वक्त सस्पेंस, थ्रिलर और सवालों की पहेली भी उलझती जा रही है. ईरान से जंग शुरू करने की अमेरिका में विरोध शुरू हो गया है अमेरिका की काउंटर टेरिरज्म सेंटर के निदेशक ने ईरान से युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे दिया है. जो कैंट नाम के अफसर ने ट्रंप पर इजरायल के दबाव में युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया. दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है. इस अफसर ने अमेरिका में यहूदी लॉबी को भी आड़े हाथों लिया.

पश्चिम बंगाल में 15 मार्च को चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ. तभी से कोलकाता से दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा हुआ है. एक समय था जब बीजेपी, टीएमसी की लिस्ट आने का इंतजार करती थी. उस हिसाब से अपनी रणनीति बनाती थी. लेकिन इस बार बीजेपी की आक्रामक रणनीति देखने को मिल रही है. बीजेपी ने टीएमसी की लिस्ट से एक दिन पहले ही ऐलान कर दिया कि, इस बार भी शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को घेरने के लिए तैयार हैं. कल बीजेपी ने ऐलान किया कि, शुभेंदु नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से लड़ेंगे तो आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा.

ईरान-अमेरिका जंग का आज 18वां दिन है. LPG लेकर वाडिनार बंदरगाह पहुंचा 'नंदा देवी' जहाज, लाया 46 हजार 500 मीट्रिक टन LPG. बातचीत के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रास्ता दिया गया था. बता दें कि कल शिवालिक शिप 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था. जानकारी के मुताबिक 80 हजार मीट्रिक टन कच्चा तेल ले जा रहा 'जग लाडकी' जहाज भी भारत पहुंचने वाला है.









