
पाकिस्तान बना रहा नया टापू, ट्रंप के दावे को सच मान बैठे शहबाज!
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पाकिस्तान अब अपने आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए तेल की उम्मीद पर टिका है. वह डोनाल्ड ट्रंप के नारे पर चलते हुए कराची से 130 किमी दूर आर्टिफिशियल द्वीप का निर्माण कर रहा है. ताकि वह 24 घंटे उस जगह से तेल की खोज कर सके.
पाकिस्तान अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मशहूर नारे “ड्रिल, बेबी, ड्रिल” - तेल निकालो, खूब निकालो - को सच करने की कोशिश में जुट गया है. कुछ महीने पहले ट्रंप ने दावा किया था कि पाकिस्तान के पास बहुत बड़े तेल भंडार दबे हैं.
उस समय न विशेषज्ञों को भरोसा हुआ, न पाकिस्तान की अपनी सरकार को. लेकिन अब पाकिस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (PPL) ने उन “संभावित खज़ानों” की तलाश शुरू कर दी है.
कराची से लगभग 130 किलोमीटर दूर, सिंध के सुजावल तट के पास PPL समुद्र में एक आर्टिफिशियल द्वीप (टापू) बना रही है. यह द्वीप मिट्टी और रेत डालकर तैयार किया जा रहा है ताकि 24 घंटे तेल और गैस की खोज बिना रुकावट चल सके.
लहरों और ज्वार से बचाने के लिए प्लेटफ़ॉर्म को 6 फीट ऊंचा बनाया जा रहा है. PPL के जनरल मैनेजर अरशद पालेकर का कहना है कि यह द्वीप फरवरी तक तैयार हो जाएगा और इसके बाद 25 कुएं खोदने का काम शुरू होगा.
पाकिस्तान का नया प्रयोग, दुनिया के लिए पुरानी तकनीक पहली बार पाकिस्तान समुद्र में जमीन बनाकर ऑफशोर ड्रिलिंग करने जा रहा है. UAE, जापान और चीन पहले इस मॉडल का इस्तेमाल कर चुके हैं. ऐसे द्वीपों पर काम करने वाली टीम वहीं रह सकती है, जिससे समय और खर्च दोनों बचते हैं.
लेकिन सवाल वही - क्या सच में तेल है?

ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग का आज 19वां दिन है. लेकिन ये जंग अब थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी है. इस बीच ईरान ने दुबई पर फिर हमला किया है. इस हमले का वीडियो भी सामने आया है. हमले के बाद दुबई के कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी. दुबई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर तबाह किया.

ईरान और अमेरिका की जंग का आज 19वीं दिन है. इस बीच इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद अब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेसों पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने मिसाइल हमलों का वीडियो भी जारी किया है. IRGC ने कहा कि हमले में मल्टी-वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों समेत कई और घातक मिसाइलें शामिल हैं.

अमेरिका ने होर्मुज के समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है. अमेरिकी राष्पति ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि उनके साथी देश (नाटो) इस लड़ाई में साथ नहीं दे रहे हैं. इस हमले का मकसद तेल की सप्लाई को बहाल करना और ईरानी मिसाइलों के खतरे को खत्म करना है.

ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.

महायुद्धघ का आज 18वा दिन है. जहां मिसाइल-बम-रॉकेट के बीच इस वक्त सस्पेंस, थ्रिलर और सवालों की पहेली भी उलझती जा रही है. ईरान से जंग शुरू करने की अमेरिका में विरोध शुरू हो गया है अमेरिका की काउंटर टेरिरज्म सेंटर के निदेशक ने ईरान से युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे दिया है. जो कैंट नाम के अफसर ने ट्रंप पर इजरायल के दबाव में युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया. दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है. इस अफसर ने अमेरिका में यहूदी लॉबी को भी आड़े हाथों लिया.







