
पहलगाम आतंकी हमले पर 24 घंटे बाद आई बांग्लादेश की प्रतिक्रिया, क्या कहा?
AajTak
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि बांग्लादेश भारत के जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है. इसके बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने भी आतंकवादी हमले को लेकर अपनी संवेदना जताई है.
बांग्लादेश ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की "कड़ी निंदा" की है और हमले के लगभग 24 घंटे बाद एक बयान जारी किया है. बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने बुधवार दोपहर को एक बयान में कहा कि बांग्लादेश आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराता है. विदेश मंत्रालय के बयान जारी करने के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने भी पहलगाम हमले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा, 'बांग्लादेश भारत के जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है, जिसकी वजह से निर्दोष लोगों की दुखद जान चली गई. बांग्लादेश पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताता है और हिंसा के इस मूर्खतापूर्ण कृत्य से प्रभावित सभी लोगों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करता है.'
बयान में आगे कहा गया, 'बांग्लादेश आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराता है.'
बांग्लादेश का यह बयान पहलगाम में आतंकी हमले के काफी देर बाद आया है जिसमें 28 लोगों की जान चली गई. मरने वालों में अधिकांश पर्यटक थे जो पहलगाम की बैसरन घाटी में छुट्टियां मनाने गए थे. घाटी की खूबसूरती की वजह से इसे "मिनी-स्विट्जरलैंड" कहा जाता है.
विदेश मंत्रालय के बयान के तुरंत बाद, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने भी आतंकवादी हमले को लेकर अपनी संवेदना जताई है.
उन्होंने एक्स पर एक ट्वीट में लिखा, 'कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में हुई जनहानि पर मेरी गहरी संवेदना हैं. हम इस जघन्य कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं. मैं आतंकवाद के विरुद्ध बांग्लादेश के दृढ़ रुख की पुनः पुष्टि करता हूं.'

ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की मौत से ईरान बुरी तरह आहत है. इस हमले में लारिजानी का बेटा भी मारा गया है. ईरान ने अब अमेरिकी और इजरायली हमले के जवाब में कार्रवाई तेज करते हुए कई क्लस्टर बम गिराए है और तेल अवीव में भारी नुकसान पहुंचाया है और अनुमान लगाया जा रहा है कि जंग यहां से अब और भीषण रूप ले लेगी.

ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग का आज 19वां दिन है. लेकिन ये जंग अब थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी है. इस बीच ईरान ने दुबई पर फिर हमला किया है. इस हमले का वीडियो भी सामने आया है. हमले के बाद दुबई के कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी. दुबई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर तबाह किया.

ईरान और अमेरिका की जंग का आज 19वीं दिन है. इस बीच इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद अब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेसों पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने मिसाइल हमलों का वीडियो भी जारी किया है. IRGC ने कहा कि हमले में मल्टी-वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों समेत कई और घातक मिसाइलें शामिल हैं.

अमेरिका ने होर्मुज के समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है. अमेरिकी राष्पति ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि उनके साथी देश (नाटो) इस लड़ाई में साथ नहीं दे रहे हैं. इस हमले का मकसद तेल की सप्लाई को बहाल करना और ईरानी मिसाइलों के खतरे को खत्म करना है.

ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.







