
पलटीमार TRUMP... 4 साल में 30573 झूठ का रिकॉर्ड! सीजफायर पर क्या-क्या बोलकर पलट गए ट्रंप
AajTak
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी. कार्यकाल के 100 दिन पूरा होने पर उन्होंने टाइम्स मैगजीन को एक इंटरव्यू दिया था. इस इंटरव्यू के बाद रिपोर्ट में बताया गया कि ट्रंप ने इस दौरान 32 ऐसे दावे किए थे जो पूरी तरह से झूठे और भ्रामक थे.
चार साल में 30 हजार से ज्यादा झूठ... धड़ाधड़ झूठ बोलने का यह आंकड़ा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का है. ताजा मामला भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर का है. 10 मई को डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर का ऐलान कर सबको चौंका दिया. हैरानी की बात थी कि सीजफायर का ऐलान ना तो भारत की ओर से और ना ही पाकिस्तान की ओर से ऐलान किया बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसकी जानकार दी. लेकिन कुछ दिनों के भीतर ही वह सीजफायर कराने के अपने दावे से मुकर गए.
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी. कार्यकाल के 100 दिन पूरा होने पर उन्होंने टाइम्स मैगजीन को एक इंटरव्यू दिया था. इस इंटरव्यू के बाद रिपोर्ट में बताया गया कि ट्रंप ने इस दौरान 32 ऐसे दावे किए थे जो पूरी तरह से झूठे और भ्रामक थे.
डोनाल्ड ट्रंप का राष्ट्रपति के तौर पर पहला कार्यकाल भी झूठ से भरा हुआ था. इस लेकर वॉशिंगटन पोस्ट ने एक रिपोर्ट जारी की थी. इस रिपोर्ट में बताया गया था कि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान दिसंबर 2017 से जनवरी 2021 के बीच 30,573 झूठ बोले थे. इस तरह उन्होंने रोजाना औसतन 21 झूठे दावे किए थे.
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के पहले साल हर दिन औसतन 6 झूठे या भ्रामक दावे किए थे. दूसरे साल में हर दिन 16, तीसरे साल में हर दिन 22 और चौथे साल में हर दिन 39 झूठे दावे किए. यह दिखाता है कि कार्यकाल खत्म होने के साथ-साथ ट्रंप के झूठे और भ्रामक दावे भी बढ़ गए थे।
2020 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रंप के झूठ बोलने की रफ्तार बढ़ गई थी. अक्टूबर 2020 में ट्रंप ने एक महीने में 3,917 झूठे या भ्रामक दावे किए थे. इससे पहले सितंबर में उन्होंने 2,239 झूठे दावे किए थे. वहीं, राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग से एक दिन पहले 2 नवंबर को ट्रंप ने 539 झूठे और भ्रामक दावे किए थे.
सीजफायर पर ट्रंप ने क्या-क्या दावे किए?

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.

महायुद्धघ का आज 18वा दिन है. जहां मिसाइल-बम-रॉकेट के बीच इस वक्त सस्पेंस, थ्रिलर और सवालों की पहेली भी उलझती जा रही है. ईरान से जंग शुरू करने की अमेरिका में विरोध शुरू हो गया है अमेरिका की काउंटर टेरिरज्म सेंटर के निदेशक ने ईरान से युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे दिया है. जो कैंट नाम के अफसर ने ट्रंप पर इजरायल के दबाव में युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया. दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है. इस अफसर ने अमेरिका में यहूदी लॉबी को भी आड़े हाथों लिया.

पश्चिम बंगाल में 15 मार्च को चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ. तभी से कोलकाता से दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा हुआ है. एक समय था जब बीजेपी, टीएमसी की लिस्ट आने का इंतजार करती थी. उस हिसाब से अपनी रणनीति बनाती थी. लेकिन इस बार बीजेपी की आक्रामक रणनीति देखने को मिल रही है. बीजेपी ने टीएमसी की लिस्ट से एक दिन पहले ही ऐलान कर दिया कि, इस बार भी शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को घेरने के लिए तैयार हैं. कल बीजेपी ने ऐलान किया कि, शुभेंदु नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से लड़ेंगे तो आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा.

ईरान-अमेरिका जंग का आज 18वां दिन है. LPG लेकर वाडिनार बंदरगाह पहुंचा 'नंदा देवी' जहाज, लाया 46 हजार 500 मीट्रिक टन LPG. बातचीत के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रास्ता दिया गया था. बता दें कि कल शिवालिक शिप 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था. जानकारी के मुताबिक 80 हजार मीट्रिक टन कच्चा तेल ले जा रहा 'जग लाडकी' जहाज भी भारत पहुंचने वाला है.









