
न बैंक अकाउंट खोल पाएंगे, न महंगी कार खरीद पाएंगे ITR फाइल नहीं करने वाले... PAK संसद में आया बिल
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पाकिस्तान की संसद में यह विधेयक ऐसे वक्त में आया है, जब सरकार इस साल सितंबर में IMF से 7 बिलियन अमरीकी डॉलर का लोन पैकेज प्राप्त करने के लिए किए गए सौदे के मुताबिक रेवेन्यू कलेक्शन बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही है.
पाकिस्तान (Pakistan) की सरकार ने बुधवार को संसद में एक विधेयक पेश किया, जिसमें टैक्स रिटर्न नहीं दाखिल करने वाले लोगों पर बैंक अकाउंट खोलने और 800cc से ज्यादा की कार खरीदने पर बैन लगाया गया है. वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ सरकार के उपायों के तहत कर कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश किया.
संशोधन में प्रस्ताव किया गया है कि गैर-फाइलर्स को एक निश्चित सीमा से ज्यादा शेयर खरीदने और बैंक अकाउंट खोलने पर बैन लगा दिया जाएगा. वे एक तय सीमा से ज्यादा बैंक के जरिए ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे. विधेयक में कहा गया है कि संघीय राजस्व बोर्ड (FBR) के साथ गैर-रजिस्टर्ड व्यवसायियों के बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए जाएंगे और उन्हें प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने से बैन कर दिया जाएगा.
नए बिल में क्या कहा गया है?
FBR बिक्री कर रिटर्न दाखिल करने के लिए टॉप कलेक्शन बॉडी के साथ रजिस्टर न करने पर बैंक अकाउंट्स को फ्रीज करने और प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर रोक लगाने में भी सक्षम होगा. हालांकि, रजिस्टर होने के दो दिन बाद उनके अकाउंट्स खोल दिए जाएंगे.
बिल में कहा गया है कि प्रतिबंध संघीय सरकार की मंजूरी के बाद लागू होंगे. यह विधेयक ऐसे वक्त में आया है, जब सरकार इस साल सितंबर में IMF से 7 बिलियन अमरीकी डॉलर का लोन पैकेज प्राप्त करने के लिए किए गए सौदे के मुताबिक रेवेन्यू कलेक्शन बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही है.
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ईरान और अमेरिका की जंग का आज 19वीं दिन है. इस बीच इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद अब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेसों पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने मिसाइल हमलों का वीडियो भी जारी किया है. IRGC ने कहा कि हमले में मल्टी-वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों समेत कई और घातक मिसाइलें शामिल हैं.

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ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.

महायुद्धघ का आज 18वा दिन है. जहां मिसाइल-बम-रॉकेट के बीच इस वक्त सस्पेंस, थ्रिलर और सवालों की पहेली भी उलझती जा रही है. ईरान से जंग शुरू करने की अमेरिका में विरोध शुरू हो गया है अमेरिका की काउंटर टेरिरज्म सेंटर के निदेशक ने ईरान से युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे दिया है. जो कैंट नाम के अफसर ने ट्रंप पर इजरायल के दबाव में युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया. दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है. इस अफसर ने अमेरिका में यहूदी लॉबी को भी आड़े हाथों लिया.







