
नेपाल में नई सरकार! प्रचंड को हटाने के लिए कॉमरेड ओली और नेपाली कांग्रेस ने मिलाया हाथ
AajTak
पूर्व विदेश मंत्री नारायण प्रकाश सऊद के मुताबिक, नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (CPN-UML) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के बीच सोमवार आधी रात को एक नया गठबंधन बनाने पर सहमति बन गई है.
नेपाल (Nepal) ने सियासी उठापटक मची हुई है. देश की दो सबसे बड़ी पार्टियों- नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल ने आपस में समझौता कर लिया है. पार्टियों ने मौजूदा प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' (Pushpa Kamal Dahal Prachanda) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को उखाड़ फेंकने की ठान ली है. इसके लिए दोनों पार्टिओं ने एक नई 'राष्ट्रीय आम सहमति सरकार' बनाने के लिए आधी रात को सत्ता-साझाकरण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.
पूर्व विदेश मंत्री नारायण प्रकाश सऊद के मुताबिक, नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (CPN-UML) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री कॉमरेड केपी शर्मा ओली के बीच सोमवार आधी रात को एक नया गठबंधन बनाने पर सहमति बन गई.
PM पद बारी-बारी साझा करने पर सहमति
नेपाली कांग्रेस के केंद्रीय सदस्य सऊद ने कहा कि 78 वर्षीय देउबा और 72 वर्षीय ओली ने संसद के बचे हुए कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री पद को बारी-बारी से साझा करने पर सहमति व्यक्त की है.
यह भी पढ़ें: नेपाल में बाढ़-बारिश से तबाही, लैंडस्लाइड और बिजली गिरने से 14 लोगों की मौत
क्या है बहुमत का आंकड़ा?

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं. ताजा मामले में इजरायल की राजधानी तेल अवीव में ईरान का हमला हुआ. ईरान की एक मिसाइल एक इमारत में जा गिरी. हमले को लेकर 2 प्रत्यक्षदर्शियों ने हमारे संवाददाता से बात की है. आइए देखते हैं उन्होंने क्या बताया.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.









