
दुनिया का सबसे लंबा एग्जाम... जब थम जाता है पूरा देश! क्या है CSAT और क्यों है इतना मुश्किल?
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दक्षिण कोरिया में कॉलेज स्कॉलास्टिक एबिलिटी टेस्ट (CSAT) परीक्षा खत्म हो गई है. यह परीक्षा अधिकतम 13 घंटे तक चलती है जिस कारण इसे दुनिया का सबसे लंबा एग्जाम माना जाता है. इस परीक्षा के लिए दक्षिण कोरिया सरकार ने कड़े इंतजाम किए थे.
दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक दक्षिण कोरिया में होने वाला कॉलेज स्कॉलास्टिक एबिलिटी टेस्ट (CSAT) गुरुवार को आयोजित किया गया. 13 घंटों तक चलने वाली इस परीक्षा के लिए दक्षिण कोरिया ने देशभर में कड़े इंतजाम किए थे. अस्थायी रूप से विमानों के उड़ान भरने और लैंडिंग पर रोक लगा दी गई. दक्षिण कोरिया की इस बेहद अहम यूनिवर्सिटी एंट्रेंस परीक्षा में पांच लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया.
योनहाप न्यूज के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय का हवाला देते हुए बताया गया कि इस साल कॉलेज स्कॉलास्टिक एबिलिटी टेस्ट (CSAT) के लिए कुल 5,54,000 छात्रों ने आवेदन किया है, जो पिछले साल की तुलना में 6% अधिक है और 2018 के बाद से सबसे ज्यादा संख्या है. इस परीक्षा के नतीजों के आधार पर दक्षिण कोरिया के छात्र-छात्राओं को देश की टॉप यूनिवर्सिटीज में जगह मिलती है.
दक्षिण कोरिया में छात्रों के लिए यह सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है. परीक्षा के दौरान हवाई जहाजों की उड़ानें रोक दी गईं और देर से पहुंचने वाले छात्रों को एग्जाम सेंटर तक पहुंचाने के लिए जगह-जगह पुलिस की तैनाती की गई थी.
इंग्लिश एग्जाम के लिसनिंग सेक्शन के दौरान शोर-शराबे से बचने के लिए एहतियातन पूरे देश में दोपहर 1:05 बजे से 1:40 बजे तक, 35 मिनटों के लिए सभी उड़ानें और लैंडिंग रोक दी गईं. इन उड़ानों में सैन्य और नागरिक, दोनों तरह की उड़ानें शामिल थीं, केवल इमर्जेंसी फ्लाइट्स को ही उड़ान की इजाजत दी गई.
ड्रोन और हल्के विमान उड़ाने पर भी रोक लगा दी गई. कुल 140 उड़ानें- 65 घरेलू और 75 अंतरराष्ट्रीय, पुनर्निर्धारित करनी पड़ीं. CSAT के दिन सैन्य विमान भी जमीन पर रखे गए और तोप अभ्यास तथा टैंक संचालन जैसे डिफेंस एक्सरसाइज रोक दिए गए.
देश भर में 10,475 पुलिसकर्मी और 2,238 पेट्रोल कारें ट्रैफिक कंट्रोल के लिए तैनात की गईं. सुबह के ट्रैफिक को कम करने के लिए शेयर बाजार के खुलने और बंद होने के समय में भी एक घंटे की देरी की गई.

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