
तुर्की-सीरिया में तबाही के बीच फिलिस्तीन में भूकंप के झटके
AajTak
लिस्तीन में बुधवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए. फिलिस्तीन में ये भूकंप ऐसे वक्त पर आया, जब तुर्की-सीरिया में तबाही जारी है. तुर्की और सीरिया में सोमवार को 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था. इसके बाद से दोनों देशों में अब तक 8000 लोगों की मौत हो गई है. इतना ही नहीं दोनों देशों में भूकंप से 6000 से ज्यादा इमारतें तबाह हो गई हैं.
फिलिस्तीन में बुधवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए. फिलिस्तीन में ये भूकंप ऐसे वक्त पर आया, जब तुर्की-सीरिया में तबाही जारी है. तुर्की और सीरिया में सोमवार को 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था. इसके बाद से दोनों देशों में अब तक 8000 लोगों की मौत हो गई है. इतना ही नहीं दोनों देशों में भूकंप से 6000 से ज्यादा इमारतें तबाह हो गई हैं.
फिलिस्तीन में आए भूकंप के झटकों की तीव्रता 4.8 मापी गई. बताया जा रहा है कि फिलिस्तीन में आए भूकंप का केंद्र नब्लस शहर से 13 किमी उत्तर में 10 किलोमीटर गहराई में था. भूकंप के झटकों के बाद लोग डर की वजह से सड़कों पर निकल आए. हालांकि, अभी तक जान माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है.
तुर्की में 5,894 तो सीरिया में 2000 की जान गई तुर्की में 5,894 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि 34,810 लोग घायल हैं. वहीं विद्रोहियों के नियंत्रण वाले सीरिया में 1,220 लोगों की जान गई है. जबकि सीरिया में सरकार नियंत्रित इलाकों में 812 लोगों की मौत हुई है. तुर्की में भूकंप से करीब 6000 इमारतें तबाह हो गई हैं. जबकि सीरिया में 400 इमारतें पूरी तरह से जमीदोंज हो गईं, जबकि 1220 से ज्यादा इमारतों को नुकसान पहुंचा है.
20 हजार से लोगों के मारे जाने की आशंका- WHO WHO ने तुर्की और सीरिया में मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई है. WHO ने तुर्की और सीरिया में 20 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका जताई है. इतना ही नहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि दोनों देशों में 2.3 करोड़ लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं.

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं. ताजा मामले में इजरायल की राजधानी तेल अवीव में ईरान का हमला हुआ. ईरान की एक मिसाइल एक इमारत में जा गिरी. हमले को लेकर 2 प्रत्यक्षदर्शियों ने हमारे संवाददाता से बात की है. आइए देखते हैं उन्होंने क्या बताया.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.

आज का दंगल ईरान की जंग से भारत की बिगड़ती सेहत को लेकर है. ईरान में 25 दिन से जंग चल रही है. और पीएम मोदी ने कहा है कि इस जंग के कारण भारत पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कोविड महामारी की तरह मिल जुलकर इस चुनौती का सामना करने की अपील की है और देशवासियों को सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी दिया है. पश्चिम एशिया में जंग के हालात से उभरी चुनौतियों को लेकर सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.








