
तुर्की राष्ट्रपति को आई गाजा की याद, इजरायल ने पूछा- हमारे मानवाधिकारों का क्या MR ERDOGAN?
AajTak
तुर्किए राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा कि गाजा में बिजली, खाना और पानी की सप्लाई बंद कर दी है. ये कैसे मानवाधिकार है? वहीं इस पर इजरायल ने पलटवार करते हुए पूछा कि हमारे मानवाधिकारों का क्या MR ERDOGAN?
इजरायल ने हमास के हमले का जवाब देते हुए गाजा पट्टी पर भारी तबाही मचाई है. दोनों ओर से रॉकेट, बम और गोलियां चल रही हैं. फिलिस्तीनी आतंकी ग्रुप के ठिकानों को चुन-चुन कर खत्म किया जा रहा है. इजरायल ने युद्ध का ऐलान करते हुए सबसे पहले गाजा पट्टी में बिजली-पानी और भोजन की सप्लाई रोक दी थी. इसके बाद तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने पूछा है कि ये कैसा मानवाधिकार है?
तुर्किए राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा कि गाजा में बिजली, खाना और पानी की सप्लाई बंद कर दी है. ये कैसे मानवाधिकार है? एर्दोगन ने कहा, "गाजा में अभी पानी की आपूर्ति नहीं है. ये कैसा मानवाधिकार? बिजली मुहैया नहीं कराई जा रही है. ये कैसा मानवाधिकार? मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा में आप पानी की आपूर्ति में कटौती नहीं कर सकते. मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा में, आप बिजली नहीं काट सकते."
गाजा में तुर्किए के राष्ट्रपति द्वारा मानवाधिकारों की याद दिलाने पर इजरायल ने पलटवार किया है. इजरायल ने एर्दोगन से पूछा कि हमारे अधिकारों का क्या?
अमेरिका ने भेजे हथियार, गोला-बारूद
हमास से जंग के बीच इजरायल को अमेरिका का साथ मिला है. अमेरिका ने सबसे पहले आगे आकर अपने खतरनाक हथियार और गोला-बारूद और सैनिक भी इजरायल भेज दिए हैं. अमेरिकी गोला-बारूद से लैस प्लेन और गेराल्ड आर फोर्ड युद्धपोत इजरायल के करीब पहुंच गया है. न्यूज एजेंसी के मुताबिक हथियारों को ले जाने वाले इस अमेरिकी विमान में बेहद हाइटेक गोला-बारूद हैं.
Israel-Hamas War: हमास को मिटाने के लिए इजरायल का Triple Attack, कहा- पानी नहीं मांग पाएगा!

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं. ताजा मामले में इजरायल की राजधानी तेल अवीव में ईरान का हमला हुआ. ईरान की एक मिसाइल एक इमारत में जा गिरी. हमले को लेकर 2 प्रत्यक्षदर्शियों ने हमारे संवाददाता से बात की है. आइए देखते हैं उन्होंने क्या बताया.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.

आज का दंगल ईरान की जंग से भारत की बिगड़ती सेहत को लेकर है. ईरान में 25 दिन से जंग चल रही है. और पीएम मोदी ने कहा है कि इस जंग के कारण भारत पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कोविड महामारी की तरह मिल जुलकर इस चुनौती का सामना करने की अपील की है और देशवासियों को सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी दिया है. पश्चिम एशिया में जंग के हालात से उभरी चुनौतियों को लेकर सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.








