
तुर्की में भूकंप के जोरदार झटकों से दहशत में आए लोग, रिक्टर स्केल पर 6.0 रही तीव्रता
AajTak
सोमवार शाम पश्चिमी तुर्की में एक शक्तिशाली भूकंप ने धरती को हिला दिया. रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.0 मापी गई. भूकंप का केंद्र बालिकेसिर प्रांत के सिंदर्ग के पास रहा. फिलहाल किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है.
पश्चिमी तुर्की में सोमवार शाम एक तेज़ भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.0 मापी गई. भूकंप का केंद्र सिंदर्ग (Sındırgı), बालिकेसिर (Balıkesir) प्रांत के नजदीक स्थित था.
भूकंप के झटके स्थानीय समयानुसार शाम 7:53 बजे (भारतीय समयानुसार रात 10:23 बजे) दर्ज किए गए. इसकी गहराई बेहद कम, यानी करीब 10 से 11 किलोमीटर रही, जिसकी वजह से पूरे इलाके में तेज झटके में महसूस किए गए. इसकी वजह से लोग दहशत में आ गए.
भूकंप का केंद्र बालिकेसिर से 51 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, बुर्सा से 128 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और इस्तांबुल से 206 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित था. अब तक किसी तरह की जनहानि या बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई है.
जानमाल का नुकसान नहीं
स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव टीमों को सतर्क कर दिया है. प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति और संचार व्यवस्था सामान्य बताई जा रही है, लेकिन एहतियातन निरीक्षण जारी है. प्रशासन ने लोगों से किसी भी आपातकालीन स्थिति में अधिकारियों से संपर्क करने का आग्रह किया है.
तुर्की के गृह मंत्री अली येरलिकाया ने एक्स पर एक बयान में कहा कि इस्तांबुल और आसपास के प्रांतों में भूकंप के झटके महसूस किए. येरलिकाया ने कहा, "इस्तांबुल और आसपास के प्रांतों में भी महसूस किए गए भूकंप के कारण AFAD और सभी संबंधित संस्थानों ने तुरंत क्षेत्रीय सर्वेक्षण शुरू कर दिए हैं. अभी तक, किसी भी प्रतिकूल स्थिति की सूचना नहीं मिली है. हम पल-पल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं."

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हाल में एक संघीय अधिकारी की गोली से नर्स एलेक्स जेफ्री प्रेटी की मौत हो गई थी. जिसके बाद से अमेरिका में पुलिस और फेडरल एजेंसियों की कार्रवाई, विरोध-प्रदर्शनों में जाने वालों और आम नागरिकों की जान की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच वॉशिंगटन में प्रेटी की याद में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. देखें अमेरिका से जुड़ी 10 बड़ी खबरें.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.








