
तुर्की: जारी है मलबे में दबी एक-एक जिंदगी की तलाश... रेस्क्यू ऑपरेशन को मुकम्मल करने इंडियन आर्मी ने लगाई वक्त से रेस
AajTak
तुर्की और सीरिया भूकंप में अब तक 1900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. तुर्की और सीरिया की मदद के लिए भारत ने ऑपरेशन दोस्त शुरू किया है. मलबे के ढेर से जिंदगियों को बचाने के लिए भारतीय सेना और एनडीआरएफ की टीमें मोर्चा संभाले हुई हैं. भारतीय डॉक्टरों की टीम के साथ डॉग स्क्वॉड और अत्याधुनिक उपकरणों से रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है.
भूकंप की मार झेल रहे तुर्की में इस समय सबसे बड़ी जंग मलबे में दबी जिंदगियों को बचाना है. तुर्की और सीरिया में आए भूकंप में अब तक 19,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. बीते 100 सालों की इस आपदा से तुर्की को बचाने के लिए दुनियाभर के 70 देश आगे आए हैं, जिनमें भारत भी शामिल है. भारतीय सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है. भारत ने इसे ऑपरेशन दोस्त का नाम दिया है.
भूकंप प्रभावित इलाकों में भारतीय सेना ने फील्ड हॉस्पिटल बना लिए हैं, जहां बिना रुके घायलों का इलाज किया जा रहा है. तुर्की के हताय प्रांत में भारतीय सेना के एक फील्ड अस्पताल में कई-कई घंटों से दबे लोगों को इलाज के लिए लाया जा रहा है. इस फील्ड अस्पताल का सर्जिकल और इमरजेंसी वॉर्ड चालू कर दिया गया है. NDRF की कई टीमें अलग अलग क्षेत्रों में इमारतों के मलबों में जिंदगियों को तलाशने में जुटी हैं.
तुर्की में भारतीय सेना बनी मसीहा
ऑपरेशन दोस्त के तहत तुर्की के हताय प्रांत में भारतीय सेना का 60 पैरा फील्ड अस्पताल घायलों से खचाखच भरा है. यहां 99 सदस्यों की भारतीय सेना की एक मेडिकल टीम मौजूद है, जिसमें एक महिला सहित 13 डॉक्टर 24 घंटे सेवाएं दे रहे हैं. यह टीम अभी तक 150 घायलों का इलाज कर चुकी है.
भारतीय सेना के इसी फील्ड अस्पताल में छह साल की नसरीन को लाया गया. नसरीन सोमवार से ही मलबे के ढेर में दबी हुई थी. तीन दिन बाद नसरीन को रेस्क्यू कर यहां लाया गया, जहां उसका इलाज किया जा रहा है. नसरीन की मां को भी रेस्क्यू किया गया. लेकिन उनके दो भाई अभी भी लापता हैं.
तुर्की की 20 साल की इलायना को भी भारत के फील्ड अस्पताल लाया गया है. इलायना 72 घंटों से मलबे में दबी हुई थी. भारतीय सेना इलायना को रेस्क्यू कर अस्पताल लेकर आई. उनका इलाज कर रहे डॉक्टर का कहना है कि जब वह यहां आई तो उनके शरीर में पानी की कमी थी. कई हड्डियां टूटी हुई थीं.

भारत की विदेश नीति में राजनयिक तंत्र और राजनीतिक दबाव के बीच अंतर दिख रहा है. बांग्लादेश के साथ रिश्तों में नरमी के संकेत मिलने के बाद भी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाने का फैसला विवादित रहा है. इस फैसले के बाद बांग्लादेश ने भी कह दिया है कि वो टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगा.

अमेरिका ने 21 जनवरी से 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया पर अनिश्चितकालीन रोक लगाकर सख्ती बढ़ा दी है. हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में पाकिस्तान-बांग्लादेश के साथ कुवैत, थाईलैंड और ब्राजील जैसे देश भी शामिल हैं. इस फैसले ने मानदंडों को लेकर विशेषज्ञों और प्रवासियों के बीच नई बहस छेड़ दी है.

ग्रीनलैंड में अमेरिका और नाटो देश अब सीधे आमने सामने आ गए हैं. ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस के तहत स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नार्वे समेत कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में अपनी सेनाएं भेजनी शुरू कर दी है. यह कदम डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार के बयानों के बाद उठाया गया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की है कि फ्रांस की सेना का पहला दस्ते पहले ही रवाना हो चुका है और आगे और सैनिक भेजे जाएंगे.

ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई है. कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ईरानी अधिकारियों के हाथों इस नागरिक की जान गई है. कनाडा ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी शासन की निंदा की है और नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा को तत्काल रोकने की मांग की है.

अमेरिका ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के हिंसक दमन के आरोप में ईरानी सुरक्षा अधिकारियों और तेल से जुड़े शैडो बैंकिंग नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. ट्रेजरी विभाग के अनुसार, इन नेटवर्कों के जरिए अरबों डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही थी. कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की अधिकतम दबाव नीति का हिस्सा है.

अमेरिका ने कैरिबियन सागर में वेनेजुएला-संबंधित तेल टैंकर Veronica को जब्त कर लिया है, जो पिछले कुछ हफ्तों में छठा लक्ष्य बना है. यह कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रम्प और विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो के बैठक से पहले हुई. अमेरिकी सेना का कहना है कि टैंकर प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था और अब सिर्फ कानूनी रूप से तेल ही निकलेगा.







