
तालिबान को नहीं रोक पाया अमेरिका तो ताइवान में हमें क्या रोकेगा: चीन
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चीन ने वियतनाम और सीरिया युद्ध का उदाहरण दिया और कहा कि अमेरिका मदद करने के बजाय स्थिति बिगड़ने पर भाग निकलता है. चीन सरकार के मुख पत्र माने जाने वाले अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने अफगानिस्तान संकट को लेकर मंगलवार को प्रकाशित संपादकीय में अमेरिका को अविश्वसनीय करार दिया. साथ ही तालिबान की मुहिम की तर्ज पर ताइवान को चीन में मिलाने की वकालत की.
चीन ने अफगानिस्तान में बिगड़े हालात के लिए अमेरिका पर निशाना साधा है और तालिबान का उदाहरण देते हुए ताइवान को भी धमकी दी है. चीन ने कहा है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के कारण काबुल सरकार का पतन हो गया. दुनिया ने देखा कि तालिबान लड़ाके कैसे काबुल में राष्ट्रपति भवन में दाखिल हो गए और कैसे अमेरिका को अपने राजनयिकों को हेलीकॉप्टर से निकालना पड़ा. इससे अमेरिका की विश्वसनीयता को भारी झटका लगा है. (फोटो-AP) चीन ने वियतनाम और सीरिया युद्ध का उदाहरण दिया और कहा कि अमेरिका मदद करने के बजाय स्थिति बिगड़ने पर भाग निकलता है. चीन सरकार के मुख पत्र माने जाने वाले अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने अफगानिस्तान संकट को लेकर मंगलवार को प्रकाशित संपादकीय में अमेरिका को अविश्वसनीय करार दिया. साथ ही, तालिबान की मुहिम की तर्ज पर ताइवान को चीन में मिलाने की वकालत की. (फोटो-AP)
डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि डेनमार्क के अधीन आने वाला यह अर्द्ध स्वायत्त देश अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पाने के लिए वे सैन्य जोर भी लगा सकते हैं. इधर ग्रीनलैंड के पास सेना के नाम पर डेनिश मिलिट्री है. साथ ही बर्फीले इलाके हैं, जहां आम सैनिक नहीं पहुंच सकते.

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