
तालिबानी राज में 50% अफगानी पत्रकारों ने गंवाई नौकरी, लगभग आधे मीडिया आउटलेट बंद: रिपोर्ट
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अफगानिस्तान में तालिबान की एंट्री के बाद से कई बदलाव देखने को मिले हैं और कई विवादित फरमान भी जारी हुए हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार देश के तालिबानी राज आने के बाद से कई बदलाव देखने को मिले. इसमें एक बड़ा बदलाव ये है कि देश में 50 प्रतिशत से अधिक पत्रकारों ने अपनी नौकरी खो दी और लगभग आधे मीडिया आउटलेट बंद हो गए हैं.
अफगानिस्तान के टोलो न्यूज राष्ट्रीय पत्रकार संघ (ANJU) का हवाला देकर जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार देश के तालिबानी राज आने के बाद से कई बदलाव देखने को मिले. इसमें एक बड़ा बदलाव ये है कि देश में 50 प्रतिशत से अधिक पत्रकारों ने अपनी नौकरी खो दी और लगभग आधे मीडिया आउटलेट बंद हो गए हैं. इसके कई कारण हैं जिसमें से एक वित्तीय संकट भी है. राष्ट्रीय पत्रकार दिवस के अवसर पर प्रकाशित रिपोर्ट से ये जानकारी सामने आई है.
गर्भनिरोधकों की बिक्री पर रोक
गौरतलब है कि देश में तालिबान की एंट्री के बाद से कई बदलाव देखने को मिले हैं और कई विवादित फरमान भी जारी हुए हैं. हाल में आई खबर के अनुसार देश के दो प्रांतों में तालिबान ने गर्भनिरोधकों की बिक्री पर रोक लगा दी है. सभी दवाई दुकानदारों को भी चेतावनी जारी कर दी गई है, इसे पश्चिमी देशों की एक साजिश बताया जा रहा है.
तालिबान को ऐसा लगता है कि मुस्लिम आबादी को कंट्रोल करने के लिए इन गर्भनिरोधकों का इस्तेमाल किया जाता है. इसी वजह से उसने घर-घर जाकर ये चेतावनी जारी कर दी है कि इन दवाओं का किसी भी सूरत में इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. दुकानदारों को भी धमकी दे दी गई है, इस प्रकार की किसी भी दवा को स्टॉक में रखने की इजाजत नहीं है. काबुल के एक दुकानदार ने इस नए नियम के बारे में विस्तार से बताया है.
महिलाओं पर पहले भी लगे बैन
तालिबान की तरफ से महिलाओं पर इससे पहले भी कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए गए हैं. अब अफगानिस्तान में प्राइवेट यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली छात्राएं यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम में नहीं बैठ पाएंगी. फैसला हुआ है कि किसी भी लड़की को एग्जाम देने की इजाजत नहीं दी जाएगी. जिस भी यूनिवर्सिटी ने नियमों का पालन नहीं किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी कही गई है. इससे पहले महिलाओं के पार्क जाने, जिम जाने पर भी रोक लगाई जा चुकी है.

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