
ट्रंप ने शिक्षा विभाग के आधे स्टाफ को नौकरी से निकाला, भड़के डेमोक्रेट सांसद
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डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने शिक्षा विभाग को बंद करने का मन बना लिया है. अपने इसी प्लान के तहत ट्रंप प्रशासन ने विभाग के आधे स्टाफ को घर भेज दिया है. शिक्षा विभाग को बंद करने के ट्रंप के प्लान का रिपब्लिकन सांसद विरोध कर रहे हैं.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन यानी शिक्षा विभाग को बंद करने की बात कह चुके हैं और इसी क्रम में विभाग ने अपने आधे स्टाफ को नौकरी से निकालने की घोषणा कर दी है. सत्ताधारी दक्षिणपंथी रिपब्लिकन पार्टी शिक्षा विभाग को पसंद नहीं करते हैं और यह कटौती विभाग को खत्म करने के प्लान की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है.
20 जनवरी को सत्ता में आने के साथ ही ट्रंप ने कह दिया था कि वो कमजोर और अकुशल नौकरशाही को कम करेंगे. इसी प्रयास में उनके प्रशासन ने देश भर में हजारों कर्मचारियों को पहले ही निकाल दिया है.
अमेरिका की शिक्षा सचिव लिंडा मैकमोहन ने पांच दिनों पहले ही पद ग्रहण किया है. फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि स्टाफ की कटौती ट्रंप के फैसले की वजह से हुई है.
वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट की पूर्व सीईओ मैकमोहन ने कहा, 'मुझे उनका स्पष्ट निर्देश है कि शिक्षा विभाग को बंद कर दिया जाए, और हम जानते हैं कि इसे पूरा करने के लिए हमें संसद के साथ मिलकर काम करना होगा. लेकिन आज हमने जो किया वह नौकरशाही की अधिकता को खत्म करने की दिशा में पहला कदम था.'
एंजेंसी के आधे स्टाफ को मंगलवार को उनके ऑफिस से जाने के लिए कह दिया गया. ये स्टाफ छात्रों के लिए लोन मैनेज करते थे, उनकी उपलब्धियों पर नजर रखते हैं और नागरिक अधिकारों को लागू करते हैं.
शिक्षा विभाग को बंद क्यों करना चाहते हैं ट्रंप?

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