
ट्रंप ने ट्रूडो को कह दिया 'गवर्नर', सोशल मीडिया पर लोग उड़ाने लगे कनाडाई PM का मजाक
AajTak
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कनाडा के गवर्नर जस्टिन ट्रूडो के साथ डिनर कर खुशी हुई. मैं जल्द ही गवर्नर से दोबारा मिलना चाहूंगा ताकि हम टैरिफ और ट्रेड पर अपनी चर्चा जारी रख सकें. इसके नतीजे बेहतरीन होंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद से ही डोनाल्ड ट्रंप चर्चा में बने हुए हैं. उनका अभी आधिकारिक तौर पर शपथ लेना बाकी है. लेकिन वह देश की नीतियों से लेकर आगामी योजनाओं तक कई बड़ी प्लानिंग कर चुके हैं. ऐसे में अब उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को गवर्नर कह डाला है. लेकिन क्यों?
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कनाडा के गवर्नर जस्टिन ट्रूडो के साथ डिनर कर खुशी हुई. मैं जल्द ही गवर्नर से दोबारा मिलना चाहूंगा ताकि हम टैरिफ और ट्रेड पर अपनी चर्चा जारी रख सकें. इसके नतीजे बेहतरीन होंगे.
ट्रंप की इस प्रतिक्रिया के बाद यह सवाल उठने लगा है कि आखिर ट्रंप ने ट्रूडो को गवर्नर क्यों कहा? फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, दरअसल ट्रूडो हाल ही में अमेरिकी दौरे पर गए थे. इस दौरान ट्रंप ने अपने आवास मार-ए-लागो में ट्रूडो के साथ डिनर भी किया.
ट्रंप ने डिनर के दौरान ट्रूडो को ऑफर दिया था कि कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बन जाना चाहिए. हालांकि, यह ऑफर मजाक-मजाक में दिया गया था. लेकिन ट्रूडो ये सुनकर असहज हो गए और हंसने लगे.
बता दें कि ट्रूडो ने अमेरिका का ये दौरा ट्रंप के उस ऐलान के बाद किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि शपथ लेने के बाद वह अमेरिका में इंपोर्ट होने वाले कनाडा के उत्पादों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाएंगे. ट्रंप ने कहा था कि कनाडा से अमेरिका में अवैध तरीके से आ रहे प्रवासियों की वजह से यह फैसला लिया जा सकता है. क्योंकि ट्रूडो इन अवैध प्रवासियों पर नकेल कसने में असफल रहे हैं.
ट्रूडो ने ट्रंप से क्या कहा था?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है जो पहले वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को मिला था. मचाडो ने यह पुरस्कार ट्रंप को सौंपा और ट्रंप ने इसे खुशी-खुशी स्वीकार किया. यह घटना राजनीतिक जगत में खास तूल पकड़ रही है और दोनों नेताओं के बीच इस सम्मान के आदान-प्रदान ने चर्चा का विषय बना है. ट्रंप के लिए यह एक बड़ा सम्मान है जिसका उन्होंने खुले दिल से स्वागत किया.

अमेरिका ने ईरान पर हमले की चेतावनी के बाद अपने कदम फिलहाल वापस ले लिए हैं. हाल तक अमेरिका ईरान की हवाई और समुद्री घेराबंदी कर रहा था, लेकिन अब उसने मामले को डिप्लोमेसी के माध्यम से सुलझाने का अंतिम मौका दिया है. ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देने का फैसला किया था, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने आर्मी को हमले के लिए तैयार रहने का आदेश दिया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की उनकी योजना का समर्थन न करने वाले देशों पर टैरिफ लगाया जा सकता है. इस बयान से यूरोपीय सहयोगियों के साथ तनाव बढ़ गया है. अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच बातचीत जारी है, जबकि डेनमार्क और कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है.

पाकिस्तान एक बार फिर भारत की सीमा में ड्रोन भेज रहा है. जनवरी से जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में छोटे और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन देखे गए हैं. सेना के मुताबिक ये आत्मघाती ड्रोन नहीं बल्कि निगरानी के लिए भेजे गए यूएवी हैं. माना जा रहा है कि पाकिस्तान भारत की सुरक्षा तैयारियों और प्रतिक्रिया समय को परखने की कोशिश कर रहा है.

भारत की विदेश नीति में राजनयिक तंत्र और राजनीतिक दबाव के बीच अंतर दिख रहा है. बांग्लादेश के साथ रिश्तों में नरमी के संकेत मिलने के बाद भी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाने का फैसला विवादित रहा है. इस फैसले के बाद बांग्लादेश ने भी कह दिया है कि वो टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगा.








