
ट्रंप को सीधी चेतावनी! अमेरिका के दुश्मन की मदद को तैयार हुए पुतिन
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पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका ने हवाई और समुद्री अभियानों के तहत वेनेजुएला की सीमा के पास संदिग्ध ड्रग-तस्करी नौकाओं को नष्ट किया है. इन कार्रवाइयों के बाद अटकलें तेज हो गई थीं कि वॉशिंगटन अपना अभियान वेनेजुएला के अंदर तक बढ़ा सकता है.
रूस ने शुक्रवार को कहा कि वह वेनेजुएला की सैन्य सहायता की अपील पर जवाब देने के लिए तैयार है. उसने क्षेत्र में तनाव को और नहीं बढ़ाने का आग्रह किया है. रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखारोवा ने यह जानकारी दी.
यह बयान ऐसे समय आया है जब वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने रूस से सैन्य सहयोग की अपील की है. इसमें रूसी-निर्मित सुखोई फाइटर जेट्स की मरम्मत, रडार सिस्टम के अपग्रेड और मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी शामिल है.
यह अपील काराकास द्वारा वॉशिंगटन से बढ़ते खतरों के जवाब में की गई, जिसने हाल के महीनों में कैरिबियाई क्षेत्र में भारी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है.
अमेरिका दे रहा धमकी
कराकस ने यह अनुरोध अमेरिका के बढ़ते दबाव के बीच किया है. पिछले कुछ महीनों में वॉशिंगटन ने कैरिबियाई क्षेत्र में भारी सैन्य तैनाती की है, जिसमें लड़ाकू विमान, युद्धपोत और हजारों सैनिक शामिल हैं. अमेरिका का दावा है कि यह कदम “एंटी-नारकोटिक्स ऑपरेशन” का हिस्सा है, लेकिन कई रणनीतिक विशेषज्ञ इसे वेनेजुएला पर अप्रत्यक्ष सैन्य दबाव मान रहे हैं.
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अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं. ताजा मामले में इजरायल की राजधानी तेल अवीव में ईरान का हमला हुआ. ईरान की एक मिसाइल एक इमारत में जा गिरी. हमले को लेकर 2 प्रत्यक्षदर्शियों ने हमारे संवाददाता से बात की है. आइए देखते हैं उन्होंने क्या बताया.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.









