
ट्रंप के 'ज़ीरो आभार' वाले बयान के बाद आया ज़ेलेंस्की का 'थैंक यू, अमेरिका' पोस्ट
AajTak
यूक्रेन के प्रेसिडेंट ज़ेलेंस्की ने जिनेवा शांति बातचीत के दौरान सपोर्ट के लिए यूनाइटेड स्टेट्स और प्रेसिडेंट ट्रंप को धन्यवाद दिया. ये मीटिंग्स US के बनाए शांति प्लान को लेकर तनाव के बीच हो रही हैं, जिसे मॉस्को के फेवर में देखा जा रहा है.
डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा यूक्रेन पर युद्ध में वॉशिंगटन की कोशिशों के लिए 'ज़ीरो आभार' दिखाने का आरोप लगाने के कुछ ही घंटों बाद, यूक्रेन के प्रेसिडेंट ज़ेलेंस्की ने एक सोशल-मीडिया मैसेज में यूनाइटेड स्टेट्स को धन्यवाद दिया और US प्रेसिडेंट की तारीफ़ की.
ज़ेलेंस्की का 'थैंक यू, अमेरिका'. यह मैसेज तब आया, जब US, यूरोपियन और यूक्रेनी अधिकारी जिनेवा में अमेरिका के बनाए शांति प्लान को बचाने के लिए मिले, जिसके बारे में कीव को डर है कि यह मॉस्को के पक्ष में तेज़ी से झुक सकता है.
ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा, "अमेरिका की लीडरशिप ज़रूरी है, अमेरिका और प्रेसिडेंट ट्रंप सिक्योरिटी के लिए जो कुछ भी कर रहे हैं, उसके लिए हम उनके शुक्रगुजार हैं और हम जितना हो सके उतना कंस्ट्रक्टिव तरीके से काम करते रहेंगे."
ज़ेलेंस्की ने यूरोप और G7 और G20 देशों के ग्रुप को उनकी मदद के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि इस सपोर्ट को बनाए रखने की कोशिशें ज़रूरी थीं. उन्होंने लिखा, "इसीलिए हम शांति की दिशा में हर पॉइंट पर, हर कदम पर इतनी सावधानी से काम कर रहे हैं. सब कुछ सही तरीके से होना चाहिए, जिससे हम सच में इस युद्ध को खत्म कर सकें और युद्ध को दोबारा होने से रोक सकें."
यूक्रेन के प्रेसिडेंट ने एक और लंबा मैसेज पोस्ट किया, जिसमें जंग में रूस के बर्ताव की पूरी तरह से बुराई की गई. ज़ेलेंस्की ने ज़ोर देकर कहा कि मॉस्को ने अकेले ही लड़ाई शुरू की और इसे खत्म करने से मना कर दिया है, उन्होंने कहा कि प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन हमला कर रहे थे. इस बात की बिल्कुल परवाह किए बिना कि वह अपने कितने लोगों को खोते हैं और हमारे कितने लोगों को मारते हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.

महायुद्धघ का आज 18वा दिन है. जहां मिसाइल-बम-रॉकेट के बीच इस वक्त सस्पेंस, थ्रिलर और सवालों की पहेली भी उलझती जा रही है. ईरान से जंग शुरू करने की अमेरिका में विरोध शुरू हो गया है अमेरिका की काउंटर टेरिरज्म सेंटर के निदेशक ने ईरान से युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे दिया है. जो कैंट नाम के अफसर ने ट्रंप पर इजरायल के दबाव में युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया. दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है. इस अफसर ने अमेरिका में यहूदी लॉबी को भी आड़े हाथों लिया.

पश्चिम बंगाल में 15 मार्च को चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ. तभी से कोलकाता से दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा हुआ है. एक समय था जब बीजेपी, टीएमसी की लिस्ट आने का इंतजार करती थी. उस हिसाब से अपनी रणनीति बनाती थी. लेकिन इस बार बीजेपी की आक्रामक रणनीति देखने को मिल रही है. बीजेपी ने टीएमसी की लिस्ट से एक दिन पहले ही ऐलान कर दिया कि, इस बार भी शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को घेरने के लिए तैयार हैं. कल बीजेपी ने ऐलान किया कि, शुभेंदु नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से लड़ेंगे तो आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा.

ईरान-अमेरिका जंग का आज 18वां दिन है. LPG लेकर वाडिनार बंदरगाह पहुंचा 'नंदा देवी' जहाज, लाया 46 हजार 500 मीट्रिक टन LPG. बातचीत के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रास्ता दिया गया था. बता दें कि कल शिवालिक शिप 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था. जानकारी के मुताबिक 80 हजार मीट्रिक टन कच्चा तेल ले जा रहा 'जग लाडकी' जहाज भी भारत पहुंचने वाला है.









