
जो बाइडेन का बड़ा ऐलान- 1 मई से हर अमेरिकी वयस्क को लगने लगेगी कोरोना वैक्सीन
AajTak
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ऐलान किया है कि 1 मई तक सभी व्यस्क कोरोना वैक्सीन लगवाने के पात्र हो जाएंगे. यानी 1 मई से अमेरिका में वैक्सीनेशन का दरवाजा हर किसी के लिए खोल दिया जाएगा.
कोरोना काल का सबसे बड़ा कहर अमेरिका पर बनकर टूटा और पांच लाख से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. अब शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ऐलान किया है कि 1 मई तक सभी व्यस्क कोरोना वैक्सीन लगवाने के पात्र हो जाएंगे. यानी 1 मई से अमेरिका में वैक्सीनेशन का दरवाजा हर किसी के लिए खोल दिया जाएगा. अमेरिका में भी अभी भारत की तरह ही स्वास्थ्यकर्मियों, कोरोना वॉरियर्स, बुजुर्ग और बीमार लोगों को वैक्सीन लगाने में प्राथमिकता दी जा रही है. अमेरिका में कोरोना की एंट्री के एक साल पूरा होने पर जो बाइडेन ने देशवासियों को संबोधित किया. इसी दौरान उन्होंने सभी राज्यों को ये निर्देश दिया कि एक मई तक ऐसी व्यवस्था करें कि सभी लोगों को वैक्सीन मिलनी शुरू हो जाए. जो बाइडेन के मुताबिक, मई के अंत तक हमारे पास इतनी वैक्सीन होगी कि हम हर किसी को डोज़ दे पाएं. जो बाइडेन ने साथ ही ऐलान किया कि सरकार की कोशिश है कि 4 जुलाई से अमेरिका में छोटी-छोटी सभाएं या जमावड़े को इजाजत दे दी जाए. बता दें कि चार जुलाई ही अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने लोगों से अपील की है कि जैसे ही आपका नंबर आए, तो आप वैक्सीन जरूर लगवाएं. बता दें कि बीते दिन ही जो बाइडेन ने 1.9 ट्रिलियन डॉलर का एक कोविड स्पेशल पैकेज भी मंजूर किया है. वैक्सीनेशन के मोर्चे पर रफ्तार बढ़ाने के लिए अब अमेरिकी सरकार ने अतिरिक्त सुरक्षाबलों की नियुक्ति का भी ऐलान किया है. करीब चार हजार से अधिक जवानों को तैनात किया जाएगा, जो वैक्सीनेशन सेंटर्स को संभाल सकें. साथ ही अब सभी डॉक्टरों को वैक्सीन देने की ड्यूटी पर लगाया जाएगा, ताकि कम वक्त में अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा सके.
भारत की विदेश नीति में राजनयिक तंत्र और राजनीतिक दबाव के बीच अंतर दिख रहा है. बांग्लादेश के साथ रिश्तों में नरमी के संकेत मिलने के बाद भी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाने का फैसला विवादित रहा है. इस फैसले के बाद बांग्लादेश ने भी कह दिया है कि वो टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगा.

अमेरिका ने 21 जनवरी से 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया पर अनिश्चितकालीन रोक लगाकर सख्ती बढ़ा दी है. हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में पाकिस्तान-बांग्लादेश के साथ कुवैत, थाईलैंड और ब्राजील जैसे देश भी शामिल हैं. इस फैसले ने मानदंडों को लेकर विशेषज्ञों और प्रवासियों के बीच नई बहस छेड़ दी है.

ग्रीनलैंड में अमेरिका और नाटो देश अब सीधे आमने सामने आ गए हैं. ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस के तहत स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नार्वे समेत कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में अपनी सेनाएं भेजनी शुरू कर दी है. यह कदम डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार के बयानों के बाद उठाया गया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की है कि फ्रांस की सेना का पहला दस्ते पहले ही रवाना हो चुका है और आगे और सैनिक भेजे जाएंगे.

ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई है. कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ईरानी अधिकारियों के हाथों इस नागरिक की जान गई है. कनाडा ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी शासन की निंदा की है और नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा को तत्काल रोकने की मांग की है.









