
'चाहे गोली मार दो लेकिन भारत नहीं जाएंगे', भागकर पाकिस्तान पहुंचे बाप-बेटे ने उगला जहर
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भारत से भागकर पाकिस्तान के कराची पहुंचे बाप-बेटे ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है. दोनों ने दावा किया है कि भारत में उनका तथाकथित धार्मिक उत्पीड़न किया जाता था. साथ ही दोनों ने वापस भारत आने से इनकार कर दिया है.
भारत से भागकर अवैध रूप से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पहुंचे बाप-बेटे ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है. 70 साल के मोहम्मद हसनैन और उनके 31 वर्षीय बेटे इशाक अमीर का कहना है कि दिल्ली में उनका अपना घर है. लेकिन भारत में हो रहे कथित धार्मिक अत्याचार से बचने के लिए उसने पाकिस्तान का रुख किया है.
एक पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में मोहम्मद हसनैन ने कहा है कि वो दोनों 5 सितंबर को भारत से फ्लाइट लेकर पहले आबुधाबी पहुंचे. दो दिन वहां गुजारने के बाद वो काबुल पहुंचे. फिर वो अवैध तरीके से पाकिस्तान में प्रवेश कर गए. पाकिस्तान पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि की है कि मोहम्मद हसनैन और उनका बेटा इशाक अमीर ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर से अवैध रूप से पाकिस्तान में घुसे हैं. दोनों ने बलूचिस्तान प्रांत के चमन प्रांत में एंट्री की थी. फिलहाल दोनों कराची स्थित ईधी वेलफेयर ट्रस्ट के आश्रय गृह में रह रहे हैं.
कथित धार्मिक अत्याचार का आरोप
मोहम्मद हसनैन और उसका बेटा इशाक ने पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए कथित धार्मिक अत्याचार का आरोप लगाया है. हसनैन ने आरोप लगाया है, "भारत सरकार एक खास समुदाय यानी मुसलमानों का जीना मुश्किल कर रखा है. हर तरह से उन्हें तंग करते रहते हैं. मजहब के हवाले से, जुबान के हवाले से हो या तहजीब के हवाले से. वो लगातार परेशान करते हैं. मॉब लिंचिंग होती है. इन हालातों से तंग आकर मैंने भारत छोड़ने का फैसला किया. मैं वर्षों से भारत छोड़ने के प्लान में था. लेकिन कोई राह नहीं सूझ रही थी. फिर मुझे पता चला कि अगर हम भारत से दुबई चले जाएं और वहां से काबुल चले जाएं, तो पाकिस्तान जा सकते हैं."
जरूरी कागज नहीं होने की वजह से नहीं मिला कमरा
हसनैन ने आगे बताया, "पाकिस्तान पहुंचने के बाद सबसे पहले होटल पहुंचा, लेकिन जरूरी कागजात नहीं होने की वजह से कमरा नहीं दिया गया. जिसके बाद हम सीधे IG सिंध के पास पहुंचे. हमने उनके स्टाफ से सारी बातें बताईं. उन्होंने कहा कि अब तो आप आ गए हैं, जिस तरह दूसरे लोग रहते हैं, आप भी रहिए. जिस तरह और दुनिया कराची में रह रही है, आप भी कहीं भी रह लें.

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