
ग्रीनलैंड के चुनाव में जीत गई ट्रंप की कट्टर विरोधी पार्टी! कब्जे की धमकियों के बीच आए नतीजे
AajTak
ग्रीनलैंड में सेंटर राइट पार्टी डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत हुई है. वहीं, ट्रंप का समर्थन करने वाली एक पार्टी को महज 1.1 प्रतिशत वोट मिले हैं. डेमोक्रेटिक पार्टी पहले विपक्ष में थी और उसकी जीत ग्रीनलैंड के लिए अहम मानी जा रही है.
ग्रीनलैंड की केंद्र-दक्षिणपंथी (Centre Right) विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी (Demokraatit party) ने संसदीय चुनाव में जीत हासिल कर ली है. डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को हथियाने की धमकी के बीच ग्रीनलैंड में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत हुई है जो अमेरिकी राष्ट्रपति की कट्टर विरोधी मानी जाती है. ग्रीनलैंड ने इस चुनाव से ट्रंप को साफ संदेश दे दिया है कि वो अमेरिका में शामिल नहीं होना चाहता क्योंकि ट्रंप की समर्थक Qulleq पार्टी को चुनाव में महज 1.1% वोट मिले हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापार समर्थक मानी जाने वाली पार्टी डेमोक्रेटिक ने मंगलवार को हुए चुनाव में 29.9% वोट हासिल किए. यह पार्टी डेनमार्क से ग्रीनलैंड की आजादी की पक्षधर है लेकिन इसका कहना है यह प्रक्रिया धीमी होनी चाहिए. वहीं, ग्रीनलैंड की जल्द से जल्द आजादी की समर्थक विपक्षी नालेराक पार्टी ने 24.5% वोट हासिल किए हैं.
जीत के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और पूर्व उद्योग एवं खनिज मंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने कहा, 'लोग बदलाव चाहते हैं... हम अपने कल्याण के लिए अधिक से अधिक बिजनेस चाहते हैं. हम एकदम से कल ही आजादी हासिल नहीं कर लेना चाहते बल्कि हम आजादी के लिए पहले एक मजबूत नींव तैयार करना चाहते हैं.' नीलसन की पार्टी ग्रीनलैंड की अन्य विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर एक गठबंधन सरकार बनाएगी.
ग्रीनलैंड के सत्तारूढ़ गठबंधन को कितना वोट मिला?
ग्रीनलैंड की सत्तारूढ़ Inuit Ataqatigiit पार्टी और उसकी सहयोगी पार्टी Siumut ने संयुक्त रूप से 36 प्रतिशत वोट हासिल किए. दोनों को 2021 के चुनाव में 66.1 प्रतिशत वोट मिला था. ये दोनों ही पार्टियां ग्रीनलैंड की आजादी के लिए धीमी प्रक्रिया अपनाने की पक्षधर रही हैं.
खनिजों से भरपूर ग्रीनलैंड द्वीप के 72 मतदान केंद्रों पर मंगलवार को वोट देने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे. ग्रीनलैंड में 40,500 लोग मतदान के लिए पात्र हैं और भीड़ को देखते हुए मतदान की समय-सीमा को आधे घंटे के लिए बढ़ा दिया गया.

महायुद्धघ का आज 18वा दिन है. जहां मिसाइल-बम-रॉकेट के बीच इस वक्त सस्पेंस, थ्रिलर और सवालों की पहेली भी उलझती जा रही है. ईरान से जंग शुरू करने की अमेरिका में विरोध शुरू हो गया है अमेरिका की काउंटर टेरिरज्म सेंटर के निदेशक ने ईरान से युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे दिया है. जो कैंट नाम के अफसर ने ट्रंप पर इजरायल के दबाव में युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया. दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है. इस अफसर ने अमेरिका में यहूदी लॉबी को भी आड़े हाथों लिया.

पश्चिम बंगाल में 15 मार्च को चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ. तभी से कोलकाता से दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा हुआ है. एक समय था जब बीजेपी, टीएमसी की लिस्ट आने का इंतजार करती थी. उस हिसाब से अपनी रणनीति बनाती थी. लेकिन इस बार बीजेपी की आक्रामक रणनीति देखने को मिल रही है. बीजेपी ने टीएमसी की लिस्ट से एक दिन पहले ही ऐलान कर दिया कि, इस बार भी शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को घेरने के लिए तैयार हैं. कल बीजेपी ने ऐलान किया कि, शुभेंदु नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से लड़ेंगे तो आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा.

ईरान-अमेरिका जंग का आज 18वां दिन है. LPG लेकर वाडिनार बंदरगाह पहुंचा 'नंदा देवी' जहाज, लाया 46 हजार 500 मीट्रिक टन LPG. बातचीत के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रास्ता दिया गया था. बता दें कि कल शिवालिक शिप 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था. जानकारी के मुताबिक 80 हजार मीट्रिक टन कच्चा तेल ले जा रहा 'जग लाडकी' जहाज भी भारत पहुंचने वाला है.

इजरायल में ईरान हमले के बड़े-बड़े दावे करता आ रहा है. लगातार दो दिन ईरान उन मिसाइल से हमले का दावा कर रहा है, जिनसे अब तक नहीं किया था. लेकिन क्या ईरान जिन मिसाइल से हमले का दावा करके बड़ी तबाही की तस्वीर पूरी दुनिया को बताकर अपनी ताकत दिखाना चाहता है, वो हकीकत नहीं है. देखें तेल अवीव से श्वेता सिंह की ये ग्राउंड रिपोर्ट.









