
गाजा में भारतीय मूल की महिला समेत 7 एड वर्कर की मौत, नाराज बाइडन ने इजरायल को आगाह किया
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गाजा में एक इजरायली ड्रोन हमले में सात सहायता कर्मी मारे गए थे. इसको लेकर दुनियाभर के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी. इसमें भारतीय मूल की एक सहायता कर्मी की भी मौत हो गई. अब इस हमले को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए ज्यादा कुछ नहीं किया गया.
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गाजा में सात सहायता कर्मियों की मौत पर इजारयल की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि 'नागरिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त काम नहीं किया गया है.' बाइडेन ने गाजा में घातक हमलों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, "वे युद्ध के बीच भूखे लोगों को भोजन पहुंचा रहे थे. वे बहादुर और निस्वार्थ थे. उनकी मौत एक त्रासदी है."
फिलिस्तीनियों को खाना-पानी पहुंचाने वाली संस्था वर्ल्ड सेंट्रल किचन के लिए काम करने वाले सात सहायता कर्मी मंगलवार को गाजा में एक इजरायली हमले में मारे गए थे. हमले की सामने आई भयावह तस्वीर में देखा गया कि उनकी कार कैसे ध्वस्त हो गई. इजरायली सेना ने ड्रोन हमले में सहायता कर्मियों की कार को निशाना बनाया था. इस हमले में ऑस्ट्रेलियाई पिता और मिजोरम की रहने वाली मां से जन्मी महिला लालज़ावमी फ्रैंककॉम की भी मौत हो गई.
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'जवाबदेही तय किया जाना चाहिए'
सहायता कर्मियों पर हलमे को लेकर जो बाइडेन ने कहा, "इजरायल ने इस बात की गहन जांच करने का वादा किया है कि सहायता कर्मियों की कार हमले की चपेट में क्यों आई." बाइडेन ने अपने बयान में कहा कि जांच तेजी से होनी चाहिए, इसमें जवाबदेही होनी चाहिए और इसके नतीजों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए."
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ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग का आज 19वां दिन है. लेकिन ये जंग अब थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी है. इस बीच ईरान ने दुबई पर फिर हमला किया है. इस हमले का वीडियो भी सामने आया है. हमले के बाद दुबई के कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी. दुबई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर तबाह किया.

ईरान और अमेरिका की जंग का आज 19वीं दिन है. इस बीच इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद अब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेसों पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने मिसाइल हमलों का वीडियो भी जारी किया है. IRGC ने कहा कि हमले में मल्टी-वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों समेत कई और घातक मिसाइलें शामिल हैं.

अमेरिका ने होर्मुज के समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है. अमेरिकी राष्पति ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि उनके साथी देश (नाटो) इस लड़ाई में साथ नहीं दे रहे हैं. इस हमले का मकसद तेल की सप्लाई को बहाल करना और ईरानी मिसाइलों के खतरे को खत्म करना है.

ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.

महायुद्धघ का आज 18वा दिन है. जहां मिसाइल-बम-रॉकेट के बीच इस वक्त सस्पेंस, थ्रिलर और सवालों की पहेली भी उलझती जा रही है. ईरान से जंग शुरू करने की अमेरिका में विरोध शुरू हो गया है अमेरिका की काउंटर टेरिरज्म सेंटर के निदेशक ने ईरान से युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे दिया है. जो कैंट नाम के अफसर ने ट्रंप पर इजरायल के दबाव में युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया. दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है. इस अफसर ने अमेरिका में यहूदी लॉबी को भी आड़े हाथों लिया.







