
'गाजा में एयरस्ट्राइक कर मार गिराया हमास सरकार का मुखिया', इजरायल का बड़ा दावा
AajTak
इजरायल डिफेंस फ़ोर्स (IDF) ने गुरुवार को फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास के तीन वरिष्ठ नेताओं की हत्या का दावा किया. इस हमले में गाजा सरकार का प्रमुख रावी मुश्तहा के मरने की भी खबर है.
इजरायल डिफेंस फ़ोर्स (IDF) ने गुरुवार को फिलिस्तीनी संगठन हमास के तीन वरिष्ठ नेताओं की हत्या का दावा किया. इस हमले में गाजा सरकार का प्रमुख रावी मुश्तहा के मरने की भी खबर है. ऑपरेशन की डिटेल बताते हुए IDF ने कहा कि उत्तरी गाजा में एक अंडरग्राउंड कंपाउंड पर हमले में रावी मुश्तहा और दो अन्य हमास कमांडरों, समेह सिराज और समेह औदेह की मौत हो गई. हालांकि, हमास की ओर से इसपर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की गई है.
इजरायली सेना ने कहा कि तीनों कमांडरों ने उत्तरी गाजा में एक भारी सुरक्षा वाले अंडरग्राउंड कैंपस में शरण ली थी. इस जगह का इस्तेमाल वे अपने कमांड और कंट्रोल सेंटर के रूप में भी करते थे.
3 महीने पहले किया था हमला IDF ने X पर एक पोस्ट में कहा, 'लगभग 3 महीने पहले गाजा में IDF और ISA के संयुक्त हमले में कई आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिसमें गाजा में हमास सरकार के प्रमुख रावी मुश्तहा, हमास के पॉलिटिकल ब्यूरो और हमास की लेबर कमेटी में सिक्योरिटी पोर्टफोलियो रखने वाले समेह अल-सिराज, हमास के सामान्य सुरक्षा तंत्र के कमांडर समी औदेह शामिल हैं. IAF के लड़ाकू विमानों ने उत्तरी गाजा में एक किलेबंद और अंडरग्राउंड कंपाउंड में छिपे आतंकवादियों पर हमला किया और उन्हें मार गिराया.'
आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करता रहेगा इजरायल IDF ने आगे कहा, यह कंपाउंड हमास के कमांड और कंट्रोल सेंटर के रूप में काम करता था और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को लंबे समय तक इसके अंदर रहने में सहूलियत थी. IDF ने कहा कि वह 7 अक्टूबर के नरसंहार के लिए जिम्मेदार सभी आतंकवादियों को खोजना जारी रखेगा और इजरायल को धमकी देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा.
मुश्तहा हमास के एक टॉप नेता याह्या सिनवार का करीबी सहयोगी था, जिसने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हुए हमले की साजिश रचने में मदद की थी, जिसमें 100 से अधिक लोग मारे गए थे. पिछले सप्ताह लेबनान के बेरूत में एक हमले में इजरायल ने हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह को भी मार गिराया.

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हाल में एक संघीय अधिकारी की गोली से नर्स एलेक्स जेफ्री प्रेटी की मौत हो गई थी. जिसके बाद से अमेरिका में पुलिस और फेडरल एजेंसियों की कार्रवाई, विरोध-प्रदर्शनों में जाने वालों और आम नागरिकों की जान की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच वॉशिंगटन में प्रेटी की याद में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. देखें अमेरिका से जुड़ी 10 बड़ी खबरें.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.








