
गाजा में अल शिफा हॉस्पिटल के पास IDF ने हमास के ठिकाने पर किया कब्जा, 10 घंटे चले ऑपरेशन में 50 लड़ाके ढेर
AajTak
Israel Hamas War: इजरायली सेना के अनुसार, शिफा हॉस्पिटल के करीब स्थित 'मिलिट्री क्वार्टर' हमास का खुफिया और वायु रक्षा मुख्यालय, राजनीतिक ब्यूरो कार्यालय है. हमास का सबसे बड़ा प्रशिक्षण शिविर भी यहीं स्थित है. साथ ही यहां हथियार निर्माण संयंत्र और गोदाम, कमांड सेंटर, कमांडरों के कार्यालय और अन्य भूमिगत बुनियादी ढांचे स्थित हैं.
इजरायली सेना (Israel Defense Forces) ने गुरुवार को कहा कि उसके सैनिकों ने गाजा शहर के ठीक उत्तर में स्थित पश्चिम जबालिया में हमास (IDF Captures Hamas Military Quarter) के एक प्रमुख गढ़ पर कब्जा कर लिया है. इजरायली सेना गाजा शहर के मध्य में आगे बढ़ गई है, जहां माना जाता है कि हमास का भूमिगत मुख्यालय है. आईडीएफ ने गुरुवार को बताया कि युद्ध में उसके एक और सैनिक की मौत हो गई. गाजा में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू होने के बाद से इजरायली सेना के 35 सैनिकों की मौत हो चुकी है.
'द टाइम्स ऑफ इजरायल' के मुताबिक आईडीएफ का 162वां डिवीजन हमास के गाजा शहर के 'मिलिट्री क्वार्टर' (सैन्य ठिकाना) में ऑपरेट कर रहा था. उसके अनुसार, शिफा अस्पताल से सटा तथाकथित मिलिट्री क्वार्टर, हमास की खुफिया गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है, और 7 अक्टूबर के हमले की योजना यहीं से बनाई गई थी, जिसमें लगभग 1400 नागरिक मारे गए थे और 240 से अधिक का अपहरण कर लिया गया था. आईडीएफ ने कहा कि क्षेत्र में संघर्ष के दौरान 50 से अधिक हमास बंदूकधारी मारे गए. इजरायली सेना ने कहा कि उसके सैनिकों ने खुफिया सामग्री, सुरंगों, हथियार निर्माण संयंत्रों और टैंक रोधी मिसाइल लॉन्च साइटों का लगाया है.
'घनी आबादी के बीच हमास ने बना रखे हैं अपने ठिकाने'
इजरायली सेना के अनुसार, शिफा हॉस्पिटल के करीब स्थित 'मिलिट्री क्वार्टर' हमास का खुफिया और वायु रक्षा मुख्यालय, राजनीतिक ब्यूरो कार्यालय है. हमास का सबसे बड़ा प्रशिक्षण शिविर भी यहीं स्थित है. साथ ही यहां हथियार निर्माण संयंत्र और गोदाम, कमांड सेंटर, कमांडरों के कार्यालय और अन्य भूमिगत बुनियादी ढांचे स्थित हैं. हमास का यह ठिकाना घनी आबादी के बीच स्थित है. आईडीएफ ने एक बयान में कहा, 'यह सैन्य क्वार्टर आतंकवादी संगठन द्वारा गाजा पट्टी के निवासियों को अपनी जानलेवा आतंकवादी गतिविधियों के लिए मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करने का एक और सबूत है.'
'10 घंटे के युद्ध में हमास के कई लड़ाकों को मार गिराया'
इससे पहले गुरुवार की सुबह, आईडीएफ ने कहा कि उसने सेंट्रल गाजा में हमास के एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) ऑपरेशन के लिए जिम्मेदार एक वरिष्ठ कमांडर को मार डाला है. शिन बेट सुरक्षा एजेंसी के साथ एक संयुक्त बयान में, आईडीएफ ने हमले के वीडियो फुटेज साझा करते हुए कहा कि इब्राहिम अबू-मगसिब हमास के एटीजीएम विंग का प्रमुख था. आईडीएफ के मुताबिक नाहल इन्फैंट्री ब्रिगेड के सैनिकों ने पश्चिमी जबालिया में हमास के गढ़, जिसे आउटपोस्ट 17 के नाम से जाना जाता है, में 10 घंटे तक 'जमीन के ऊपर और भूमिगत' ऑपरेशन चलाया और कई हमास लड़ाकों को मार गिराया.

ईरान जंग के बीच इजरायल की खुफिया एजेंसी 'मोसाद' का पूरी दुनिया में चर्चा है. ये एजेंसी दुश्मन के देश में घुसकर उसकी सोच, ताकत और भविष्य को खत्म कर देती है. ईरान युद्ध में पहली मिसाइल फायर होने से काफी पहले सी 'मोसाद' ने इसकी तैयारी रच ली थी. आखिर 'मोसाद' कितना अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय है? देखें ये शो.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा. कई टॉप कमांडर्स के मारे जाने के बाद भी ईरान, अमेरिका और इजरायल पर जबरदस्त पलटवार कर रहा है. ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ना तो ईरान के तेवर कमजोर पड़ रहे और ना ही NATO और दुनिया के तमाम देश ट्रंप का साथ दे रहे. सवाल है क्या ईरान को हराना ट्रंप के लिए 'नाक की लड़ाई' बन गई है? देखें हल्ला बोल.

ईरान ने भी अपनी मिसाइल ताकत को दुनिया के सामने पेश किया है और ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद ब्रिटेन के सैन्य बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर दो लॉन्ग रेंज मिसाइलों से हमला किया है. हम आपको बता दें कि ईरान से दिएगो गार्सिया की दूरी करीब 4 हजार किलोमीटर है. ईरान ने दिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जिसमे एक को बीच में ही नष्ट करने का दावा किया जा रहा है.










