
'खून की उल्टियां, नाक से ब्लड...' अमेरिका ने वेनेजुएला में 'मिस्ट्री वेपन' का किया था इस्तेमाल!
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वेनेजुएला पर तीन जनवरी के अमेरिकी हमले में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सुरक्षा में तैनात लगभग 100 सैनिकों की मौत हो गई थी. अमेरिकी सैनिक मादुरो और उनकी पत्नी को उठाकर अपने साथ अमेरिका ले गए थे.
वेनेजुएला की जमीं पर उतरकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को किडनैप कर अमेरिका ले जाने का सैन्य ऑपरेशन चर्चा में बना हुआ है. इस बीच खबर है कि इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिका ने एक ऐसे पावरफुल मिस्ट्री हथियार का इस्तेमाल किया था जिसने वेनेजुएला के सैनिकों को घुटनों पर ला दिया था.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, मादुरो की सुरक्षा में तैनात एक सुरक्षाकर्मी ने एक इंटरव्यू के दौरान अमेरिका के इस सैन्य ऑपरेशन के बारे में कई चौंकाने वाली जानकारी दी. सुरक्षाकर्मी ने बताया कि किस तरह कुछ मुट्ठीभर अमेरिकी सैनिकों ने मादुरो की सुरक्षा में तैनात कई सौ सैनिकों का खात्मा कर दिया. इस दौरान अमेरिकी सैनिकों के पास अत्याधुनिक हथियार थे और हैरानी की बात थी कि अमेरिकी सैनिक का का बाल भी बांका नहीं हुआ.
सुरक्षाकर्मी ने बताया कि सैन्य ऑपरेशन के दिन सब कुछ सामान्य था. हम सुरक्षा में तैनात थे लेकिन अचानक हमार सभी रडार सिस्टम बंद पड़ गए. हमें कुछ समझ नहीं आया कि क्या हुआ. तभी हमें कुछ ड्रोन दिखाई दिए, बहुत सारे ड्रोन जो हमारे ठीक ऊपर थे. हमें कुछ समझ ही नहीं आया.
सुरक्षाकर्मी ने बताया कि ड्रोन के बाद कुछ हेलिकॉप्टर नजर आए. मेरे ख्याल से आठ हेलिकॉप्टर थे. उन हेलिकॉप्टर्स से कुछ सैनिक उतरे. कोई 20 के लगभग सैनिक थे. उनके पास हाई एडवांस हथियार थे. उसके बाद कत्लेआम सा मच गया. हम लोग बड़ी तादाद थे लेकिन हमें कुछ समझ नहीं आ रहा था. वे सटीक निशाने और स्पीड से शूट कर रहे थे. ऐसा लग रहा था कि उनका हर सैनिक प्रति मिनट 300 राउंड फायरिंग कर रहा था. हम कुछ नहीं कर पाए.
मादुरो की सिक्योरिटी टीम के इस सदस्य ने बताया कि अमेरिकी सैनिकों ने अचानक कुछ लॉन्च किया. मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं इसे कैसे समझाऊं. बहुत तेज आवाज हुई. ऐसा लगा मेरा सिर फट रहा है. हम सभी के नाक से खून निकलने लगा. हममें से कई सैनिक खून की उल्टियां करने लगे. हम जमीन पर गिर पड़े और हिल भी नहीं पा रहे थे. उन चंद मुट्ठीभर सैनिकों ने हम सभी को चित्त कर दिया. जिस तरह की तकनीक का इस्तेमाल वे कर रहे थे. हम उसका मुकाबला नहीं कर पाए. मैंने अपनी जिंदगी में उस तरह की तकनीक नहीं देखी थी. हम उस सोनिक हथियार या जो भी वो था, उसके असर की वजह से ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे.
मादुरो के सुरक्षाकर्मी ने आगे बताया कि मैं उन सभी को चेतावनी देना चाहता हूं, जो ये सोचते हैं कि वो अमेरिका का मुकाबला कर पाएंगे. उन्हें पता ही नहीं है कि अमेरिका क्या कर सकता है. मैंने उस दिन जो देखा, उसके बाद मैं उनसे मुकाबला नहीं कर पाऊंगा.

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