
क्या बिक गई Bisleri? देश की ये बड़ी कंपनी डील के करीब, बिकने की ये है वजह!
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टाटा ग्रुप (Tata Group) का कंज्यूमर बिजनेस काफी बड़ा है और इसमें लगातार विस्तार किया जा रहा है. बिसलेरी के साथ डील की तैयारी भी इसी का हिस्सा है. मिनरल वाटर लीडिंग ब्रांड बिसलेरी की कमान संभालने वाले रमेश चौहान अपनी उम्र और खराब स्वास्थ्य के चलते ये डील करने पर विचार कर रहे हैं.
टाटा समूह अपने कारोबार का विस्तार करने में जुटा है. इसके तहत अब एक और बड़ी डील की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है. Tata Group बोतलबंद पानी बेचने वाली दिग्गज कंपनी बिसलेरी (Bisleri) को खरीदने जा रहा है और ये सौदा अनुमानित 6,000 से 7,000 करोड़ रुपये में पूरा हो सकता है.
टाटा ग्रुप की ये है तैयारी बिजनेस टुडे पर छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, Tata Group की कंपनी टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (TCPL) अनुमानित 6,000-7,000 करोड़ रुपये में भारत की सबसे बड़ी पैकेज्ड वाटर कंपनी बिसलेरी (Bisleri) का अधिग्रहण करेगी. गौरतलब है कि बिसलेरी का नेतृत्व करने वाले रमेश चौहान (Ramesh Chauhan) इस कंपनी के सौदे से पहले अपने मशहूर शीतल पेय ब्रांड थम्स अप, गोल्ड स्पॉट और लिम्का का भी सौदा कर चुके हैं. उन्होंने तीन दशक पहले कोका-कोला के साथ इन कंपनियों का सौदा पूरा किया था.
2 साल जारी रहेगा मौजूदा प्रबंधन थम्स अप (Thums up), गोल्ड स्पॉट (Gold Spot) और लिम्का (Limca), कोका कोला को (Coca Cola) बेचने के बाद अब रमेश चौहान अपने बोतल बंद पानी ब्रांड बिसलेरी को टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (Tata Consumer) को बेचने जा रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डील के हिस्से के रूप में बिसलेरी का मौजूदा मैनेजमेंट दो साल तक जारी रहेगा. इस बड़ी डील को करने का एक बड़ा कारण भी सामने आया है.
Bisleri क्यों बेच रहे रमेश चौहान? इस डील के संबंधित ईटी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि उद्योगपति रमेश चौहान अब 82 वर्ष के हो चुके हैं और हाल के दिनों में उनका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहा है. इसके अलावा उनका कहना है कि बिसलेरी को विस्तार के अगले स्तर पर ले जाने के लिए उनके पास कोई उत्तराधिकारी नहीं है. रिपोर्ट की मानें तो उनकी बेटी जयंती (Jayanti) कारोबार के लिए बहुत उत्सुक नहीं है. ये बड़े कारण हैं जिनके चलते अब बिसलेरी का सौदा टाटा ग्रुप के साथ किया जा रहा है.
बीते दिनों Tata ने दिया था प्रस्ताव रमेश चौहान ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान भी इस बात की पुष्टि की कि वे बिसलेरी में हिस्सेदारी बेचने के लिए टाटा ग्रुप के साथ बातचीत कर रहे हैं. हालांकि, इसे खरीदने की रेस में दूसरी कंपनियां भी शामिल हैं, लेकिन इनका खुलासा नहीं किया गया है. अगर टाटा ग्रुप बिसलेरी इंटरनेशनल में बड़ी हिस्सेदारी खरीद लेते हैं, तो इस डील के पूरा होने के बाद टाटा ग्रुप बोतलबंद पीने का पानी बेचने वाले सबसे ब्रांड का नेतृत्व करेगा.
बता दें बीते दिनों खबर आई थी कि टाटा ग्रुप ने बिसलेरी इंटरनेशनल में हिस्सेदारी खरीदने के लिए प्रस्ताव दिया था. टाटा समूह पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर कारोबार को लेकर खासी उत्साहित दिख रही है. टाटा यह कदम एंट्री लेवल, मिड-सेगमेंट और प्रीमियम पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर कैटेगरी में पैर जमाने के लिए उठा रही है.

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