
क्या ट्रांसजेंडरों के लिए मुश्किल होंगे अगले चार साल, डोनाल्ड ट्रंप के 'सिर्फ दो जेंडर' वाले बयान के क्या हैं मायने?
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अमेरिका के प्रेसिडेंट इलेक्ट डोनाल्ड ट्रंप ने वादा किया है कि ट्रांसजेंडरों को सेना के साथ-साथ स्कूलों से भी दूर रखेंगे. रिपब्लिकन पार्टी लगातार और बेहद आक्रामकता से LGBTQ राइट्स के खिलाफ बात कर रही है. बकौल ट्रंप, अमेरिकी सरकार की नीतियों में दो ही जेंडर होंगे- महिला और पुरुष. वे इसपर एग्जीक्यूटिव ऑर्डर भी ला सकते हैं.
डोनाल्ड ट्रंप वाइट हाउस आने के साथ ही जो नए काम करने वाले हैं, उनमें से एक है ट्रांसजेंडरों पर लगाम कसना. रविवार को उन्होंने इसे पागलपन बताते हुए कहा कि वे इसे रोकने के लिए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन करेंगे. साथ ही पुरुषों और महिलाओं पर एक-दूसरे का असर न हो, इसके लिए वे पुरुषों को महिलाओं के खेल से बाहर रखने की बात भी कर रहे हैं. आने वाली सत्ता की नीतियां डेमोक्रेट्स की ट्रांसजेंडर नीति से बहुत अलग होने जा रही हैं. लेकिन अमेरिका में कितने ट्रांसजेंडर हैं, और ऐसा क्या हुआ जो रिपब्लिकन्स उनके इतने खिलाफ हो गए?
अमेरिका में ट्रांसजेंडरों की आबादी कितनी
यूएस में तीस साल के भीतर के लोगों में पांच फीसदी से कुछ ज्यादा लोग खुद को ट्रांसजेंडर या फिर नॉन-बायनरी मानते हैं, यानी जो खुद को किसी जेंडर में नहीं पाते. ये डेटा प्यू रिसर्च सेंटर का है और दो साल पुराना है. इस बीच संख्या काफी बढ़ी, लेकिन इसपर किसी का कोई निश्चित डेटा नहीं है. यूसीएलए लॉ स्कूल में विलियम्स इंस्टीट्यूट ने भी इसपर एक रिसर्च की, जिसमें पाया गया कि अमेरिका में 13 साल की उम्र के ज्यादा के 16 लाख से ज्यादा लोग खुद को ट्रांसजेंडर मानते हैं. इसके अलावा वे लोग भी हैं, जो जन्म के समय खुद को मिले जेंडर से खुश नहीं, लेकिन खुलकर जता नहीं पाते.
2015 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के ट्रांसजेंडरों की शादी पूरे देश में वैध हो गई. साथ ही ट्रांस कपल के लिए बच्चों को गोद लेने की भी मंजूरी मिल गई. गोद देने वाली एजेंसियां इसके लिए होम स्टडी करती हैं कि बच्चों के लिए कैसा माहौल है, इसके बाद वे कानूनी प्रोसेस करती हैं. कई बार आवेदन रिजेक्ट भी हो जाता है लेकिन ये दर उतनी ही है, जितनी आम जोड़ों के एडॉप्शन के दौरान होता है.
सेना में भी जगह मिली हुई

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

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