कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो ने लिया तलाक का फैसला, शादी के 18 साल बाद हो रहे अलग
AajTak
जस्टिन ट्रुडो ने साल 2005 में सोफी ग्रेगोइरे से शादी की थी. दोनों के तीन बच्चे हैं. इनमें 15 वर्षीय जेवियर, 14 वर्षीय एला-ग्रेस और 9 वर्षीय हैड्रियन शामिल हैं. पद पर रहते हुए अलग होने की घोषणा करने वाले ट्रूडो दूसरे प्रधानमंत्री हैं. उनके पिता पियरे ट्रूडो 1979 में अपनी पत्नी मार्गरेट से अलग हो गए थे और 1984 में दोनों का तलाक हो गया था.
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और उनकी पत्नी सोफी अलग हो रहे हैं. बुधवार को पीएम ऑफिस की तरफ से जारी एक बयान में बताया गया कि अलग होने के लिए दोनों ने कानूनी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. यानी की दोनों की 18 साल की शादी का अंत होने जा रहा है. दोनों ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए बयानों में कहा कि उन्होंने कई सार्थक और कठिन बातचीत के बाद यह निर्णय लिया.
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान में कहा गया है कि दोनों ने कानूनी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. दरअसल, दोनों की शादी 2005 में हुई थी. उनके तीन बच्चे हैं. इनमें 15 वर्षीय जेवियर, 14 वर्षीय एला-ग्रेस और 9 वर्षीय हैड्रियन शामिल हैं.
पीएम कार्यालय के बयान में कहा गया, "वे एक करीबी परिवार बने हुए हैं और सोफी और प्रधानमंत्री अपने बच्चों को एक सुरक्षित, प्रेमपूर्ण और सहयोगात्मक माहौल में पालने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. अगले सप्ताह से परिवार छुट्टियों पर एक साथ रहेगा."
उनके कार्यालय ने उनकी गोपनीयता का सम्मान करने का अनुरोध किया. पद पर रहते हुए अलग होने की घोषणा करने वाले ट्रूडो दूसरे प्रधानमंत्री हैं. उनके पिता पियरे ट्रूडो 1979 में अपनी पत्नी मार्गरेट से अलग हो गए थे और 1984 में दोनों का तलाक हो गया था.
जानें जस्टिन ट्रुडो के बारे में
बता दें कि जस्टिन पियरे जेम्स ट्रुडो एक कनाडाई राजनेता और पूर्व शिक्षक हैं, जो नवंबर 2015 में कनाडा के 23वें प्रधानमंत्री बने. वे अप्रैल 2013 से लिबरल पार्टी के नेता हैं. ट्रुडो कनाडा के इतिहास में जो क्लार्क के बाद दूसरे सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री हैं. उनके पिता पियरे ट्रुडो भी कनाडा के प्रधानमंत्री थे. पियरे और जस्टिन कनाडा के प्रधानमंत्री बनने वाले पिता–पुत्र की पहली जोड़ी हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.

महायुद्धघ का आज 18वा दिन है. जहां मिसाइल-बम-रॉकेट के बीच इस वक्त सस्पेंस, थ्रिलर और सवालों की पहेली भी उलझती जा रही है. ईरान से जंग शुरू करने की अमेरिका में विरोध शुरू हो गया है अमेरिका की काउंटर टेरिरज्म सेंटर के निदेशक ने ईरान से युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे दिया है. जो कैंट नाम के अफसर ने ट्रंप पर इजरायल के दबाव में युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया. दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है. इस अफसर ने अमेरिका में यहूदी लॉबी को भी आड़े हाथों लिया.

पश्चिम बंगाल में 15 मार्च को चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ. तभी से कोलकाता से दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा हुआ है. एक समय था जब बीजेपी, टीएमसी की लिस्ट आने का इंतजार करती थी. उस हिसाब से अपनी रणनीति बनाती थी. लेकिन इस बार बीजेपी की आक्रामक रणनीति देखने को मिल रही है. बीजेपी ने टीएमसी की लिस्ट से एक दिन पहले ही ऐलान कर दिया कि, इस बार भी शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को घेरने के लिए तैयार हैं. कल बीजेपी ने ऐलान किया कि, शुभेंदु नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से लड़ेंगे तो आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा.

ईरान-अमेरिका जंग का आज 18वां दिन है. LPG लेकर वाडिनार बंदरगाह पहुंचा 'नंदा देवी' जहाज, लाया 46 हजार 500 मीट्रिक टन LPG. बातचीत के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रास्ता दिया गया था. बता दें कि कल शिवालिक शिप 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था. जानकारी के मुताबिक 80 हजार मीट्रिक टन कच्चा तेल ले जा रहा 'जग लाडकी' जहाज भी भारत पहुंचने वाला है.









