
'उनकी तरक्की देख खुद पर शर्म...', पाकिस्तान में उठी भारत से हाथ मिलाने की बात, क्या बोले PM शरीफ?
AajTak
पाकिस्तान के बिजनेस समुदाय के बीच देश की आर्थिक और राजनीतिक हालत को लेकर नाराजगी है. उनका कहना है कि देश की हालत ऐसी हो चुकी है कि उनके लिए व्यापार करना लगभग असंभव हो गया है. व्यापारियों ने शहबाज शरीफ से मुलाकात के दौरान भारत को लेकर बड़ी मांग कर दी है.
पाकिस्तान में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मांग की जा रही है कि वो भारत के साथ हाथ मिलाएं और बातचीत शुरू करें. शहबाज शरीफ से एक मुलाकात के दौरान पाकिस्तान के व्यापारी समुदाय ने कहा है कि देश की वर्तमान हालत ऐसी है कि व्यापार करना लगभग असंभव है. व्यापारियों की मांग है कि शहबाज शरीफ भारत के साथ बातचीत शुरू करें और जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से हाथ मिला लें ताकि देश में आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता कायम हो.
शहबाज शरीफ और कराची के व्यापारियों की बैठक सीएम हाउस में आयोजित की गई थी जो लगभग एक घंटे चली. इस दौरान व्यापारियों ने कहा कि पाकिस्तान में ऊर्जा की कीमतें बहुत ज्यादा है और सरकार की नीतियां भी लगातार बदलती रहती हैं जिससे बिजनेस में काफी दिक्कतें आ रही हैं.
पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' के मुताबिक, व्यापारियों ने पीएम शरीफ से तीखे सवाल किए और कहा कि वो भारत के साथ व्यापार वार्ता शुरू करें. उन्होंने देश की राजनीतिक अस्थिरता को खत्म करने के लिए शरीफ से मांग की कि वो जेल में बंद पीटीआई प्रमुख इमरान खान से हाथ मिला लें.
पाकिस्तान के बड़े व्यापारिक समूह आरिफ हबीब ग्रुप के मुखिया आरिफ हबीब ने शरीफ से मुलाकात के दौरान कहा, 'आपने सत्ता में आने के बाद कुछ लोगों से हाथ मिलाया है जिसके अच्छे नतीजे सामने आए हैं, हमने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से डील में अच्छी प्रगति की है. मेरा सुझाव है कि आप कुछ और लोगों से हाथ मिलाएं. एक तो भारत से व्यापार के मामले में जो हमारी अर्थव्यवस्था को बहुत लाभ पहुंचाएगा.'
आरिफ हबीब ने आगे कहा, 'दूसरा हाथ आप आदियाला जेल में रह रहे इंसान (इमरान खान) से मिला लें. चीजों को ठीक करने की कोशिश करें, मुझे यकीन है कि आप ये कर पाएंगे.'
क्या बोले शहबाज?

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.









