
असद ने सीरिया छोड़ने से पहले इजरायल को दी खुफिया जानकारी, रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
AajTak
तुर्की के अखबार हुर्रियत के पत्रकार अब्दुल कादिर सेल्वी ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि असद ने हथियार डिपो, मिसाइल सिस्टम और फाइटर जेट से जुड़ी खुफिया जानकारी की एक लिस्ट इजरायल को दे दी, ताकि उनके विमान को निशाना न बनाया जाए.
सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद ने देश छोड़ने और राजधानी दमिश्क पर विद्रोहियों के कब्जे से पहले सीरियाई सैन्य ठिकानों की खुफिया जानकारी इजरायल को सौंप दी, जिससे वो और उनका परिवार सुरक्षित रूप से देश से बाहर निकल सकें.
तुर्की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, असद ने कथित रूप से इजरायल को हथियार डिपो की जानकारी सौंप दी. इसके बाद इजरायल ने उन पर बमबारी की. इन रिपोर्टों से पता चलता है कि कैसे इजराइल को प्रत्येक हथियार डिपो और प्रमुख सैन्य सुविधाओं का सटीक स्थान मिला. रिपोर्ट में बताया गया है कि असद को डर था कि उनके विमान को इजरायली लड़ाकू विमानों द्वारा निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि, वह सीरिया से सुरक्षित बाहर निकलना चाहते थे. वहीं, इजराइल असद के देश छोड़ने के बाद से ही 8 दिसंबर से लगातार सीरियाई सैन्य पोस्टों पर बमबारी कर रहा है.
इजरायल को दी खुफिया जानकारी
तुर्की के अखबार हुर्रियत के पत्रकार अब्दुल कादिर सेल्वी ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि असद ने हथियार डिपो, मिसाइल सिस्टम और फाइटर जेट से जुड़ी खुफिया जानकारी की एक लिस्ट इजरायल को दे दी, ताकि उनके विमान को निशाना न बनाया जाए.
वहीं, असद की सरकार के पतन के ठीक बाद इजरायल ने सीरियाई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए. इससे सेल्वी ने निष्कर्ष निकाला कि उसके सूत्र सही थे.
सेल्वी ने यह भी खुलासा किया कि उन्हें असद के जाने के बारे में अन्य जानकारी मिली जो "विशेष रूप से इजरायल की भूमिका से संबंधित हैं", लेकिन उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है.

ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग का आज 19वां दिन है. लेकिन ये जंग अब थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी है. इस बीच ईरान ने दुबई पर फिर हमला किया है. इस हमले का वीडियो भी सामने आया है. हमले के बाद दुबई के कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी. दुबई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर तबाह किया.

ईरान और अमेरिका की जंग का आज 19वीं दिन है. इस बीच इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद अब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेसों पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने मिसाइल हमलों का वीडियो भी जारी किया है. IRGC ने कहा कि हमले में मल्टी-वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों समेत कई और घातक मिसाइलें शामिल हैं.

अमेरिका ने होर्मुज के समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है. अमेरिकी राष्पति ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि उनके साथी देश (नाटो) इस लड़ाई में साथ नहीं दे रहे हैं. इस हमले का मकसद तेल की सप्लाई को बहाल करना और ईरानी मिसाइलों के खतरे को खत्म करना है.

ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.

महायुद्धघ का आज 18वा दिन है. जहां मिसाइल-बम-रॉकेट के बीच इस वक्त सस्पेंस, थ्रिलर और सवालों की पहेली भी उलझती जा रही है. ईरान से जंग शुरू करने की अमेरिका में विरोध शुरू हो गया है अमेरिका की काउंटर टेरिरज्म सेंटर के निदेशक ने ईरान से युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे दिया है. जो कैंट नाम के अफसर ने ट्रंप पर इजरायल के दबाव में युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया. दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है. इस अफसर ने अमेरिका में यहूदी लॉबी को भी आड़े हाथों लिया.







