
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने बेंजामिन नेतन्याहू को किया फोन, क्या हुई बात?
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गाजा में हमास और इजरायल के बीच जंग जारी है. दोनों के बीच मध्यस्थता को लेकर कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष प्रयास कर रहे हैं. इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडेन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की है. जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने इजरायल से युद्ध विराम के लेकर चर्चा नहीं की.
हमास और इजरायल के बीच गाजा पट्टी में जंग जारी है. इजरायली सेना हमास को तबाह करने पर तुली है. दुनिया भर के कई राष्ट्राध्यक्ष इजरायल और हमास के बीच युद्ध विराम की कोशिशों में लगे हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की है.
जो बाइडेन ने वाशिंगटन में मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से उनकी लंबी बातचीत हुई और ये एक निजी बातचीत थी. इसी दौरान एक मीडियाकर्मी के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मेरी उनसे युद्ध विराम के लिए बात नहीं हुई है. हालांकि, अमेरिका ने गाजा में बढ़ती हताहतों की संख्या और मानवीय संकट पर चिंता जताते हुए इजरायल का समर्थन जारी रखा है. इस युद्ध में अब तक फिलिस्तीन में मरने वालों की संख्या 20,258 हो गई है.
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इजरायल और हमास के बीच गाजा में युद्ध विराम और कैदियों की अदला-बदली को लेकर दूसरे दौर के समझौते पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है. मिस्र की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच बातचीत का दौर जारी है. पिछले महीने के अंत में एक हफ्ते के संघर्ष विराम के दौरान इजरायली जेलों में बंद 240 फिलिस्तीनियों के बदले में हमास ने 80 इजरायली बंधकों को छोड़ा था.
इस बार भी मिस्र, कतर के साथ मिलकर एक हफ्ते के संघर्ष विराम के लिए मध्यस्थता कर रहा है. इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने हमास द्वारा बंधक बनाए गए अपने नागरिकों की वापसी के लिए गाजा में संघर्ष विराम के लिए तैयार होने का संकेत दिया है.

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं. ताजा मामले में इजरायल की राजधानी तेल अवीव में ईरान का हमला हुआ. ईरान की एक मिसाइल एक इमारत में जा गिरी. हमले को लेकर 2 प्रत्यक्षदर्शियों ने हमारे संवाददाता से बात की है. आइए देखते हैं उन्होंने क्या बताया.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.

आज का दंगल ईरान की जंग से भारत की बिगड़ती सेहत को लेकर है. ईरान में 25 दिन से जंग चल रही है. और पीएम मोदी ने कहा है कि इस जंग के कारण भारत पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कोविड महामारी की तरह मिल जुलकर इस चुनौती का सामना करने की अपील की है और देशवासियों को सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी दिया है. पश्चिम एशिया में जंग के हालात से उभरी चुनौतियों को लेकर सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.








