
अमेरिका के दबाव के आगे नहीं झुका सऊदी अरब, बाइडेन को उठाना पड़ गया ये कदम
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अमेरिका और दोस्त देश सऊदी अरब के बीच तनाव देखने को मिल रहा है. अमेरिका और सऊदी अरब के बीच ये हालात तेल के चलते पनपे हैं. कोरोना महामारी के चलते कच्चे तेल के उत्पादन को लेकर प्रमुख तेल उत्पादक देशों ने कई तरह की रणनीति अपनाई है लेकिन इन रणनीतियों से अमेरिका के हालात बिगड़े हैं. अमेरिकी प्रशासन के काफी गुजारिश करने के बावजूद सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस अपनी बात पर अडिग हैं.
अमेरिका और दोस्त देश सऊदी अरब के रिश्तों में तनाव देखने को मिल रहा है. अमेरिका और सऊदी अरब के बीच ये हालात तेल के चलते पनपे हैं. कोरोना महामारी के चलते कच्चे तेल के उत्पादन को लेकर प्रमुख तेल उत्पादक देशों ने जो रणनीति अपनाई है, उससे अमेरिका के हालात बिगड़े हैं. अमेरिकी प्रशासन के काफी गुजारिश करने के बावजूद सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस तेल की आपूर्ति ना बढ़ाने के फैसले पर अडिग हैं.

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं. ताजा मामले में इजरायल की राजधानी तेल अवीव में ईरान का हमला हुआ. ईरान की एक मिसाइल एक इमारत में जा गिरी. हमले को लेकर 2 प्रत्यक्षदर्शियों ने हमारे संवाददाता से बात की है. आइए देखते हैं उन्होंने क्या बताया.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.

आज का दंगल ईरान की जंग से भारत की बिगड़ती सेहत को लेकर है. ईरान में 25 दिन से जंग चल रही है. और पीएम मोदी ने कहा है कि इस जंग के कारण भारत पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कोविड महामारी की तरह मिल जुलकर इस चुनौती का सामना करने की अपील की है और देशवासियों को सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी दिया है. पश्चिम एशिया में जंग के हालात से उभरी चुनौतियों को लेकर सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.








