
अफगानिस्तान में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 4.3 रही तीव्रता
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अफगानिस्तान में रविवार को एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.3 दर्ज की गई. हालांकि भूकंप से किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है. भूकंप का केंद्र काबुल से 151 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में रहा.
अफगानिस्तान में रविवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 रही. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, सुबह 8 बजकर 14 मिनट पर आए भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के काबुल से 151 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व (SSE) में रहा और भूकंप की गहराई 60 किमी की थी.
पृथ्वी के अंदर का भाग अलग-अलग प्लेटों से मिलकर बना है. इन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट' कहा जाता है. पृथ्वी के अंदर ऐसी सात प्लेटें हैं. इनमें से हर प्लेट की मोटाई लगभग 100 किलोमीटर होती है.अक्सर ये प्लेटें खिसकती रहतीं हैं और पास की प्लेटों से घर्षण होता है. कभी-कभी ये घर्षण इतना बढ़ जाता है कि एक प्लेट दूसरी के ऊपर चढ़ जाती है, जिससे सतह पर हलचल महसूस होती है.आमतौर पर 5 से कम तीव्रता वाले भूकंप कम नुकसान पहुंचाने वाले होते हैं. 5 या उससे ज्यादा की तीव्रता वाले भूकंप में नुकसान हो सकता है.
जापान के तट पर 2011 में 9 की तीव्रता का भूकंप आया था. इस वजह से यहां सुनामी की लहरें उठी थीं, जिससे और तबाही मची थी. इस भूकंप में करीब 20 हजार लोग मारे गए थे. इससे पहले 2006 में इंडोनेशिया में भी 9 की तीव्रता का भूकंप आया था और उसमें 5,700 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी.भारत में अब तक चार बार 8 या उससे ज्यादा की तीव्रता का भूकंप आया है. पहला- 1897 में शिलॉन्ग में, दूसरा- 1905 में कांगड़ा में, तीसरा- 1934 में बिहार-नेपाल में और चौथा- 1950 में असम-तिब्बत में. इनमें हजारों लोगों की मौत हुई थी.

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