
अक्सर शराब के नशे में रहते हैं... यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिकों को लेकर बड़ा दावा
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ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि रूस के सैनिक बेलारूस से खराब ट्रेनिंग लेकर आए हैं और लगभग बेकार हो चुके हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं. ब्रिटिश इंटेलिजेंस का कहना है कि अनुशासन और मनोबल की कमी के कारण थर्ड आर्मी कॉर्प्स को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
रूस और यूक्रेन में जंग छिड़े 13 महीने से ज्यादा हो चुके हैं. इस युद्ध के बीच रूसी सैनिकों को लेकर दावा किया गया है कि वो शराब के नशे में रहते हैं. ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि रूस की थर्ड आर्मी कॉर्प्स के सैनिक अक्सर शराब के नशे में डूबे रहते हैं.
इस रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि ये सैनिक बेलारूस से खराब ट्रेनिंग लेकर आए हैं और लगभग बेकार हो चुके हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं. टेलीग्राफ ने ये दावा यूक्रेन से मिले सूत्रों के हवाले से किया है.
पिछले साल 24 फरवरी को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जब यूक्रेन के खिलाफ जंग का ऐलान किया था, तो उसके बाद रूसी सेना ने थर्ड आर्मी कॉर्प्स बनाई थी. यूक्रेन से जंग के बाद ये रूसी सेना की सबसे बड़ी कॉर्प्स है.
वहीं, ब्रिटिश इंटेलिजेंस का कहना है कि अनुशासन और मनोबल की कमी के कारण थर्ड आर्मी कॉर्प्स को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. इसी वजह से रूसी सेना की 10वीं टैंक रेजिमेंट भी अपने कई टैंक गंवा चुकी है.
करीब दो हजार टैंक गंवाए
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस Oryx का दावा है कि इस जंग में रूसी सेना अब तक 1,900 टैंक गंवा चुकी है. इनमें से 1,147 टैंक तो पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं और 500 से ज्यादा पर यूक्रेनी सेना ने कब्जा कर लिया है.

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