
Govt Pension: 10 साल से मोदी सरकार चली रही ये स्कीम, हर महीने 5000 रुपये पेंशन की गारंटी, ऐसे करें अप्लाई
AajTak
Atal Pension Scheme: इस योजना के तहत 18 से 40 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक अपना खाता खोल सकते हैं और नियमित रूप से योगदान देकर 60 वर्ष की आयु के बाद मंथली अधिकतम 5,000 रुपये तक की पेंशन उठा सकते हैं. यह एक सामाजिक सुरक्षा योजना है.
भारत में करोड़ों लोग ऐसे हैं, जो न तो किसी सरकारी नौकरी में हैं, न ही उन्हें रिटायरमेंट के बाद पेंशन की सुविधा मिलेगी. जैसे कि किसान, दिहाड़ी मजदूर, घरेलू कामगार और छोटे दुकानदार. इन्हीं लोगों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भारत सरकार ने अटल पेंशन योजना की शुरुआत की है. आइए जानते हैं कैसे अटल पेंशन योजना मदद करती है?
क्या है अटल पेंशन योजना अटल पेंशन योजना (APY) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को बुढ़ापे में आर्थिक सहारा देना है. इस योजना के तहत 18 से 40 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक अपना खाता खोल सकते हैं और नियमित रूप से योगदान देकर 60 वर्ष की आयु के बाद हर महीने 1,000 से 5,000 रुपये तक की पेंशन प्राप्त कर सकते हैं.
यह योजना न केवल बुजुर्गी में आर्थिक सहारा देती है, बल्कि सम्मान से जीवन जीने की उम्मीद भी जगाता है. कम आय में भी यह योजना जुड़ने का मौका देती है. अटल पेंशन योजना को सरकार ने 9 मई 2015 को लॉन्च किया था.
क्यों लाई गई यह योजना देश के करोड़ों लोग अलग-अलग सेक्टर में काम करते हैं, जैसे कि किसान, दिहाड़ी मजदूर, घरेलू सहायक, रिक्शा चालक, छोटे दुकानदार वगैरह. इन लोगों को रिटायरमेंट के बाद कोई पेंशन या वित्तीय सुरक्षा नहीं मिलती है. इस योजना का उद्देश्य है कि ऐसे लोग भी अपनी वृद्धावस्था में सम्मान से जीवन जी सकें और उन्हें हर महीने एक निश्चित पेंशन मिल सके.
सरकार ने इसे एक सामाजिक सुरक्षा योजना के रूप में पेश किया ताकि कम आय वाले लोग भी थोड़ी-थोड़ी बचत करके अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकें. यह योजना न केवल आर्थिक सहारा देती है, बल्कि यह एक संदेश भी है कि हर नागरिक, चाहे उसकी आय कुछ भी हो, एक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बुजुर्ग जीवन का हकदार है.
अटल पेंशन योजना आपको क्यों लेना चाहिए? सरकार अटल पेंशन योजना के तहत न्यूनतम पेंशन की गारंटी देती है, इसका मतलब यह है कि अगर योजना में जमा की गई राशि पर मिलने वाला वास्तविक रिटर्न तय किए गए अनुमान से कम होता है, तो उस कमी को सरकार खुद पूरा करती है ताकि आपको तय की गई न्यूनतम पेंशन मिल सके.













