Primary Country (Mandatory)

Other Country (Optional)

Set News Language for United States

Primary Language (Mandatory)
Other Language[s] (Optional)
No other language available

Set News Language for World

Primary Language (Mandatory)
Other Language(s) (Optional)

Set News Source for United States

Primary Source (Mandatory)
Other Source[s] (Optional)

Set News Source for World

Primary Source (Mandatory)
Other Source(s) (Optional)
  • Countries
    • India
    • United States
    • Qatar
    • Germany
    • China
    • Canada
    • World
  • Categories
    • National
    • International
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Special
    • All Categories
  • Available Languages for United States
    • English
  • All Languages
    • English
    • Hindi
    • Arabic
    • German
    • Chinese
    • French
  • Sources
    • India
      • AajTak
      • NDTV India
      • The Hindu
      • India Today
      • Zee News
      • NDTV
      • BBC
      • The Wire
      • News18
      • News 24
      • The Quint
      • ABP News
      • Zee News
      • News 24
    • United States
      • CNN
      • Fox News
      • Al Jazeera
      • CBSN
      • NY Post
      • Voice of America
      • The New York Times
      • HuffPost
      • ABC News
      • Newsy
    • Qatar
      • Al Jazeera
      • Al Arab
      • The Peninsula
      • Gulf Times
      • Al Sharq
      • Qatar Tribune
      • Al Raya
      • Lusail
    • Germany
      • DW
      • ZDF
      • ProSieben
      • RTL
      • n-tv
      • Die Welt
      • Süddeutsche Zeitung
      • Frankfurter Rundschau
    • China
      • China Daily
      • BBC
      • The New York Times
      • Voice of America
      • Beijing Daily
      • The Epoch Times
      • Ta Kung Pao
      • Xinmin Evening News
    • Canada
      • CBC
      • Radio-Canada
      • CTV
      • TVA Nouvelles
      • Le Journal de Montréal
      • Global News
      • BNN Bloomberg
      • Métro
सड़क, सुशासन और नीतीश-बीजेपी गठबंधन, इन 5 पैमानों से समझें 15 साल में कितना बदला बिहार?

सड़क, सुशासन और नीतीश-बीजेपी गठबंधन, इन 5 पैमानों से समझें 15 साल में कितना बदला बिहार?

AajTak
Wednesday, August 10, 2022 11:07:10 AM UTC

बिहार में एक बार फिर से सत्ता में बदलाव हो चुका है. राज्य में भले ही मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं बदला हो, लेकिन सरकार की संरचना पूरी तरह से पलट गई है. कभी धुर-विरोधी रही राजद के साथ हाथ मिलाकर नीतीश कुमार आठवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं. हालांकि बीते 2 दशक के दौरान ज्यादातर समय भाजपा के साथ ही उनकी सरकार रही है. आइए जानते हैं कि उनकी अगुवाई में बिहार कितना बदला है...

बिहार में पिछले कुछ दिनों से जारी राजनीतिक उठापटक के नतीजे सामने आ चुके हैं. जदयू (JDU) के नीतीश कुमार (Nitish Kumar) एक बार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं. एक दिन पहले भाजपा (BJP) के साथ गठबंधन तोड़ने के बाद नीतीश कुमार ने आज बुधवार को राजद (RJD), कांग्रेस (Congress) और वाम दलों (Left Parties) के साथ मिलकर नई सरकार का गठन किया है. बिहार की राजनीति की बात करें तो पिछले दो दशक से नीतीश कुमार केंद्र में जमे हुए हैं. नीतीश कुमार की पैठ का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि पिछले 22 साल के दौरान उन्होंने 8वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. बीच के कुछ साल को हटा दें तो 2005 से अब तक नीतीश कुमार ही बिहार की सत्ता के शिखर पर विराजमान हैं. इस दौरान करीब 15 साल जदयू और भाजपा की गठबंधन सरकार सत्ता में रही है. आइए ये जानने का प्रयास करते हैं कि नीतीश कुमार की अगुवाई में जदयू-भाजपा की सरकार बिहार के लोगों व राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए क्या बदलाव लाने में सफल रही और कहां पर सरकार अच्छा करने से चूक गई...

पिछले 15-17 साल के दौरान बिहार के आर्थिक हालात कैसे रहे, ये जानने से पहले बैकग्राउंड की थोड़ी चर्चा कर लेते हैं. आजादी के बाद 1951 में जब देश में प्रथम पंचवर्षीय योजना (First Five Years Plan) लागू हो रही थी, उस समय बिहार भारत के उद्योग जगत की रीढ़ था. धीरे-धीरे हालात बदले और साथ में बिहार भी बदला. जहां देश के अन्य राज्यों ने तरक्की की ट्रेन पकड़ी, वहीं बिहार की गाड़ी बैक गियर में दौड़ने लगी. अपराध का बोल-बाला, नरसंहारों का दौर, नक्सलवाद आदि के कारण बिहार से उद्योगों और व्यापार का पलायन हुआ. रही-सही कसर 2000 में झारखंड के विभाजन ने पूरी कर दी. झारखंड के अलग होने के बाद बिहार की राजनीति में एक टर्म बहुत प्रचलित हुआ था कि अब बिहार के पास सिर्फ तीन चीजें बची हैं...आलू, बालू और लालू. स्थिति का सही-सही अनुमान लगाने में प्रतिष्ठित वैश्विक पत्रिका 'इकोनॉमिस्ट (Economist)' की एक टिप्पणी बड़ी मददगार साबित हो सकती है. यह 21वीं सदी की शुरुआत यानी सन 2000 के आस-पास की बात है. इकोनॉमिस्ट ने उस समय के बिहार को 'An Area Of Darkness' करार दिया था, जिसे नीतीश कुमार समेत भाजपा व अन्य पार्टियां जंगलराज बताते आई हैं. बहरहाल उसके बाद के दो दशक बीत चुके हैं और इसके साथ ही परिस्थितियों में भी बदलाव आया है, जिसे हम आंकड़ों की मदद से समझने का प्रयास करेंगे.

ये भी पढ़ें: नीतीश की मांग, PM मोदी का ऐलान... 5 साल तक डबल इंजन की सरकार से बिहार को क्या-क्या मिला?

प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income): बिहार के 16वीं आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट (Bihar Econimic Survey 2021-22) के अनुसार, राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2020-21 के दौरान 50,555 रुपये रही. भारत की बात करें तो देश की औसत प्रति व्यक्ति आय 2020-21 में 86,659 रुपये थी. देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रति व्यक्ति आय के आधार पर बिहार 33वें पायदान पर है. भारत में आर्थिक तरक्की का तेज दौर 1991 के सुधारों के बाद शुरू हुआ. 1990-91 में बिहार की प्रति व्यक्ति आय 2,660 रुपये थी, जबकि पूरे भारत के मामले में यह आंकड़ा 5,365 रुपये था. यानी उदारीकरण के समय बिहार की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत के 49 फीसदी के बराबर थी. साल 2004-05 में बिहार की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 7,914 रुपये हो पाई, जबकि पूरे देश के मामले में यह बढ़कर 24,143 रुपये हो गई. यानी 1991 से 2005 के दौरान बिहार में प्रति व्यक्ति आय देश की तुलना में कम रफ्तार से बढ़ी और राष्ट्रीय औसत के 33 फीसदी के बराबर रह गई.

जीडीपी (GDP): इस साल पेश बजट के अनुसार, बिहार की जीडीपी के 2021-22 में 7,57,026 करोड़ रुपये पर पहुंच जाने का अनुमान है. साल 2017 में जब आखिरी बार नीतीश कुमार ने भाजपा का दामन थामा था और डबल इंजन की सरकार बनाई थी, उस समय बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद यानी स्टेट जीडीपी (Bihar GSDP) का साइज करीब 4,21,051 करोड़ रुपये था. इसके बाद 2018-19 में बिहार की जीडीपी ने पहली बार 5 लाख करोड़ रुपये का और 2019-20 में 6 लाख करोड़ रुपये के पार निकला. साल 2005 में जब नीतीश कुमार पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तब राज्य की जीडीपी का साइज महज 78,500 करोड़ रुपये था.

सड़क व पुल (Roads&Bridges): मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार की उपलब्धियों में सड़क और पुल का अहम स्थान है. आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सड़कों की डेंसिटी के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है. रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में प्रति 100 वर्ग किलोमीटर के इलाके में 219 किलोमीटर लंबी सड़कें हैं. वहीं देश के मामले में यह औसत घनत्व 143 किलोमीटर ही है. इस तरह देखें तो सड़कों के घनत्व के मामले में बिहार देश के औसत से काफी आगे है. सड़कों समेत बुनियादी संरचना के मामले में नीतीश सरकार के शुरुआती कुछ साल खास तौर पर उल्लेखनीय हैं. 2005 से 2010 के दौरान यानी नीतीश कुमार के पहले पूरे कार्यकाल में राज्य में 23,606 किलोमीटर सड़कें बनाई गईं, 1925 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत की गई, मुख्यमंत्री पुल निर्माण योजना के तहत प्रदेश में 1671 पुल बनाए गए और 18457 नए प्राथमिक स्कूलों का निर्माण हुआ. 2005 के समय की बात करें तो बिहार में उस समय बुनियादी संरचना के नाम पर खस्ताहाल सड़कें और टूटी इमारतों वाले खंडहरनुमा स्कूल ही थे.

Read full story on AajTak
Share this story on:-
More Related News
'डील होने के बेहद करीब, लेकिन...' India-US ट्रेड डील पर कॉमर्स सेक्रेटरी का बड़ा बयान

भारत और अमेरिका के बीच व्‍यापार समझौते का पहला चरण जल्‍द पूरा होने वाला है, क्‍योंकि बातचीत आखिरी दौर में पहुंच चुका है. 15 जनवरी को यह बयान कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने दिया है.

Air India Plan Crash Probe: ये कैसी जांच? अहमदाबाद प्लेन क्रैश में नया मोड़... कैप्टन के भांजे को भेज दिया समन

Air India Plane Crash की जांच कर रही एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो (AAIB) ने हादसे में जान गवांने वाले पायलट के भतीजे को तलब किया है और इसे लेकर पायलट एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताया है.

'अमेरिका ही हारा...', India-EU डील को लेकर एक्सपर्ट ने ट्रंप को सुना दी खरी-खरी

India-EU FTA पर बात बन गई है और यूरोपीय मीडिया के मुताबिक, 27 जनवरी को समझौते पर साइन हो सकते हैं. इस एफटीए को लेकर 'द ग्रेट रीसेट' के लेखक और रणनीतिक विश्लेषक नवरूप सिंह ने डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा है.

आज शेयर बाजार बंद क्‍यों? भड़के अरबपति, बोले- यह ग्‍लोबल इमेज के लिए ठीक नहीं

महाराष्‍ट्र नगरपालिका चुनाव के कारण 15 जनवरी को शेयर बाजार बंद किया गया है. जिसे लेकर जीरोधा के को-फाउंडर नितिन कामत ने नाराजगी जाहिर की है. उनका कहना है कि यह ग्‍लोबल इमेज के लिए उचित नहीं है.

Indian Economy: पहले वर्ल्ड बैंक, अब इस एजेंसी ने कहा- 'चुनौतियां बहुत... लेकिन भारत में है दम'

Good News For Indian Economy: ट्रंप टैरिफ अटैक से लेकर US-Iran में तनाव से भले ही ग्लोबल टेंशन चरम पर है, लेकिन भारतीय इकोनॉमी को लेकर एक के बाद एक गुड न्यूज आ रही हैं. पहले वर्ल्ड बैंक ने India GDP Growth का अनुमान बढ़ाया, तो अब Deloitte ने भी भारत का लोहा माना है.

प्रमोटर्स के हिस्‍सा बेचने की खबर... फिर बिखर गया ये शेयर, 125 पर आया भाव!

जूता बेचने वाली एक कंपनी के शेयरों में बुधवार को तगड़ी गिरावट देखने को मिली. यह शेयर अब 125 रुपये के भाव पर आ चुका है. यह गिरावट के पीछे बड़ा कारण प्रमोटर हिस्‍सादारी बेचने की खबर रही.

चांदी आज 14700 रुपये चढ़ी... सोना भी हाथ से फिसला, जानिए अब कहां तक जाएंगे भाव

सोने और चांदी ने बुधवार को भी अपना रिकॉर्ड हाई लेवल बनाया है. चांदी अब 2 लाख 94 हजार रुपये के पार पहुंच गई है, जबकि सोना 1 लाख 43 हजार रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा है.

Trump Tariff Impact: संकट में ₹12000Cr का कारोबार... ईरान को लेकर ट्रंप का ऐलान, फिर ठप हो गया निर्यात!

Donald Trump के ईरान के व्यापारिक साझेदारों पर 25 फीसदी टैरिफ (25% Tariff On Iran Trade) लगाने के ऐलान का बड़ा असर होता दिख रहा है. सबसे ज्यादा प्रभावित भारत के बासमती चावल निर्यातक हो रहे हैं और उन्हें तगड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है.

Gold-Silver के दामों में जबरदस्त उछाल, चांदी 14 हजार रुपये से ज्यादा महंगी... चेक करें लेटेस्ट रेट

Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी के दामों में आज जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. बुधवार, 14 जनवरी 2026 को 24 कैरेट सोने का भाव 1 लाख 42 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर पहुंच गया है. वहीं, आज चांदी की कीमत में भी भारी उछाल आया है. आइए जानते हैं क्या है आज गोल्ड-सिल्वर का लेटेस्ट रेट?

Good News For Modi Govt: नहीं रुकेगा भारत... ट्रंप का टैरिफ भी धुआं-धुआं, विदेश से आई ये गुड न्यूज

Donald Trump के टैरिफ अटैक के बीच भारत के लिए विदेश से गुड न्यूज आई है. वर्ल्ड बैंक ने इंडियन इकोनॉमी के ग्रोथ रेट (India's Growth Rate) के अनुमान में तगड़ा इजाफा करते हुए अपना भरोसा कायम रखा है.

Donald Trump ने फोड़ा 25% ईरान टैरिफ का बम... आ गया सरकार का बयान, कहा- No Tension

Donald Trump द्वारा Iran के साथ व्यापार करने वालों पर 25% टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद भारत सरकार की ओर से बयान आ गया है. केंद्र ने निर्यातकों का भरोसा दिलाते हुए कहा है कि अमेरिका के इस कदम का भारत पर बहुत सीमित प्रभाव पड़ेगा.

Trump Tariff Bomb: 25% ईरान टैरिफ के पीछे ट्रंप का ये है असली गेम... क्या भारत है निशाना?

Donald Trump ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 फीसदी का टैरिफ बम फोड़ा है और इसका असर भारत पर भी देखने को मिलेगा. वहीं ट्रंप की टाइमिंग को लेकर ऐसी अटकलें भी तेज हो गई हैं कि अमेरिका का सीधा निशाना भारत है.

बदलेंगे इस शेयर के दिन? आया बड़ा टारगेट, ब्रोकरेज ने कहा- 42% चढ़ेगा भाव

वेंचुरा सिक्‍योरिटी ने यस बैंक के शेयरों पर बड़ा टारगेट दिया है. ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इस शेयर में 42 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आ सकती है. हालांकि मंगलवार को इस शेयर में मामूली गिरावट आई.

96% गिरा TATA की कंपनी का मुनाफा... सिर्फ 6.64cr प्रॉफिट, अब शेयर का क्‍या होगा?

टाटा ग्रुप की एक कंपनी को तगड़ा नुकसान हुआ है. दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी का प्रॉफिट 96 फीसदी टूट गया है, जिस कारण इस कंपनी के निवेशक सतर्क हैं. हालांकि कंपनी के रेवेन्‍यू में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है.

SEBI का एक्‍शन... 12 को 5 साल के लिए किया बैन, 90 लाख का जुर्माना, कर रहे थे ये काम

सेबी ने 12 संस्‍थाओं पर बड़ा एक्‍शन लिया है. शेयर बाजार में धोखाधड़ी करने के आरोप में उन्‍हें 5 साल के लिए बैन कर दिया है. साथ ही 90 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इतना ही नहीं ब्‍याज के साथ अवैध कमाए गए पैसे को भी वापस करने का आदेश दिया है.

'मदर ऑफ ऑल डील्स होगा भारत-EU का समझौता', FTA पर बोले पीयूष गोयल

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और 27 देशों वाले यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अंतिम चरण में है और इसके 27 जनवरी को घोषित होने की संभावना है. उन्होंने इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया. गोयल के मुताबिक यह समझौता भारतीय निर्यात के लिए 'सुपर डील' साबित होगा.

US-Taiwan Trade Deal: ट्रंप की इस चाल से चीन बेचैन, अमेरिका ने ताइवान के साथ मिलकर कर दिया ये बड़ा खेल!

अब ताइवानी प्रोडक्ट्स पर केवल 15 फीसदी अमेरिकी टैरिफ लगेगा. समझौते के तहत ताइवान की कंपनियां 250 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष निवेश अमेरिका में करेंगी. अमेरिका और ताइवान के बीच इस समझौते से चीन बेहद नाराज है.

Semiconductor Deal: इस चीज के लिए चीन-US लड़ते रहे... भारत ने झटके में जर्मनी से कर ली डील!

भारत ने जर्मनी के साथ हाल ही में सेमीकंडक्‍टर इकोसिस्‍टम को लेकर एक समझौता किया है, जो भारत की ग्‍लोबल सप्‍लाई चेन में स्थिति को मजबूत करेगा. साथ ही भारत में चिप सिस्‍टम को बनाने में मदद करेगा.

बेच दें या और खरीदें? रिकॉर्ड हाई पर गोल्‍ड-सिल्‍वर ETFs के दाम, जानें क्‍या करना चाहिए

सोना और चांदी के दाम अपने रिकॉर्ड हाई के काफी करीब बने हुए हैं. वहीं कमोडिटी बेस्‍ड सिल्‍वर और गोल्‍ड ईटीएफ में भी शानदार तेजी आई है और ये भी अपने रिकॉर्ड हाई पर कारोबार कर रहे हैं. क्‍या अब प्रॉफिट बुक करने का सही समय है?

टाइगर ग्लोबल को देना होगा टैक्स, Flipkart में ₹14440Cr की हिस्सेदारी बेचने पर SC का फैसला

Supreme Court ने टाइगर ग्लोबल को एक बड़ा झटका देते हुए फैसला सुनाया है कि उसे ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart में हिस्सेदारी बेचने पर भारत में टैक्स देना ही होगा.

दिग्‍गज स्‍टॉक में तगड़ी उछाल... निवेशक मालामाल, LIC ने भी छापे 2800Cr रुपये

आईटी दिग्‍गज शेयर इंफोसिस में शुक्रवार को शानदार तेजी देखी गई. यह शेयर 5 फीसदी से ज्‍यादा चढ़कर कारोबार कर रहा है, जिस कारण नारायण मूर्ति फैमिली और एलआईसी की वेल्‍थ में इजाफा हुआ है.

Stock Market Rally: ये 3 कारण... शेयर बाजार बमबम, सेंसेक्‍स 750 अंक उछला, 17% तक चढ़े ये स्‍टॉक्‍स

सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में शानदार तेजी देखी जा रही है. सेंसेक्‍स में आज 750 अंकों की तेजी आई है. वहीं इंफोसिस जैसे शेयरों ने कमाल का प्रदर्शन किया है.

India-China Export: भारत ने किया कमाल... चीन को निर्यात में 67% की उछाल, ड्रैगन को भेजी गईं ये चीजें

भारत एक्‍सपोर्ट सेक्‍टर में तरक्‍की हासिल कर रहा है. अमेरिका के साथ ही चीन को भी भारत ने बहुत से समान भेजे हैं. दिसंबर महीने में भारत ने चीन को 67 फीसदी ज्‍यादा एक्‍सपोर्ट किया है.

Dixon Tech Share: 3 महीने में 7000 रुपये सस्‍ता... अभी और टूटेगा ये चर्चित शेयर, बेचने की सलाह

मेमोरी चिप्‍स की ग्‍लोबल आपूर्ति में कमी आने के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनी की बिक्री और मार्जिन में गिरावट की उम्‍मीद के कारण इस शेयर में मंदी की स्थिति बनी है.

धमकी देते रहे ट्रंप... भारत ने चुपचाप कर दिया ये गेम, अब टैरिफ को लेकर डरें क्यों?

अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारतीय एक्‍सपोर्ट पॉजिटिव रहा है, जबकि ग्‍लोबल स्‍तर पर कई समस्‍याएं पैदा हुई हैं. हालांकि एक्‍सपोर्ट बढ़ने के साथ ही ट्रेड डिफिसिट में भी इजाफा हुआ है.

© 2008 - 2026 Webjosh  |  News Archive  |  Privacy Policy  |  Contact Us