
पाकिस्तान: खैबर पख्तूनख्वा में पोलियो टीम सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या, पुलिस ने इलाके को किया सील
AajTak
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में अज्ञात हमलावरों ने पोलियो सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी. हमलावरों ने बाइक से आकर बाजौर जिले के दामादोला इलाके में पोलियो टीकाकरण टीम पर हमला किया. इस दौरान पुलिसकर्मी को निशाना बनाकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी है.
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले में बुधवार को अज्ञात हमलावरों ने पोलियो टीकाकरण टीम की सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी. बताया जा रहा है कि बाइक सवार हमलावरों ने दामादोला इलाके में पोलियो कर्मियों को निशाना बनाया.
इस दौरान हमलावरों ने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी पर फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. गोलीबारी के बाद आरोपी फरार हो गए. इस हमले के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है.
पाकिस्तान में 2012 से अब तक 150 से अधिक पोलियो कर्मियों और उनके सुरक्षाकर्मियों की हत्या हो चुकी है. पाकिस्तान और अफगानिस्तान दुनिया के दो ऐसे देश हैं जहां अब तक पोलियो का वायरस खत्म नहीं हुआ है.
पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या
पोलियो उन्मूलन के लिए पाकिस्तान में हर साल हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है, ताकि स्वास्थ्यकर्मी सुरक्षित रह सकें. लेकिन चरमपंथी समूह लंबे समय से टीकाकरण अभियान का विरोध कर रहे हैं और इसे पश्चिमी देशों की साजिश करार देते हैं.
हालांकि किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों को संदेह है कि इसके पीछे तेहरिक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उसके सहयोगी गुटों का हाथ हो सकता है.

ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.

महायुद्धघ का आज 18वा दिन है. जहां मिसाइल-बम-रॉकेट के बीच इस वक्त सस्पेंस, थ्रिलर और सवालों की पहेली भी उलझती जा रही है. ईरान से जंग शुरू करने की अमेरिका में विरोध शुरू हो गया है अमेरिका की काउंटर टेरिरज्म सेंटर के निदेशक ने ईरान से युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे दिया है. जो कैंट नाम के अफसर ने ट्रंप पर इजरायल के दबाव में युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया. दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है. इस अफसर ने अमेरिका में यहूदी लॉबी को भी आड़े हाथों लिया.

पश्चिम बंगाल में 15 मार्च को चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ. तभी से कोलकाता से दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा हुआ है. एक समय था जब बीजेपी, टीएमसी की लिस्ट आने का इंतजार करती थी. उस हिसाब से अपनी रणनीति बनाती थी. लेकिन इस बार बीजेपी की आक्रामक रणनीति देखने को मिल रही है. बीजेपी ने टीएमसी की लिस्ट से एक दिन पहले ही ऐलान कर दिया कि, इस बार भी शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को घेरने के लिए तैयार हैं. कल बीजेपी ने ऐलान किया कि, शुभेंदु नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से लड़ेंगे तो आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा.

ईरान-अमेरिका जंग का आज 18वां दिन है. LPG लेकर वाडिनार बंदरगाह पहुंचा 'नंदा देवी' जहाज, लाया 46 हजार 500 मीट्रिक टन LPG. बातचीत के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रास्ता दिया गया था. बता दें कि कल शिवालिक शिप 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था. जानकारी के मुताबिक 80 हजार मीट्रिक टन कच्चा तेल ले जा रहा 'जग लाडकी' जहाज भी भारत पहुंचने वाला है.








