
पाकिस्तान का एक और कारनामा... भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाले मंत्री को मिलेगा 'सितारा-ए-इम्तियाज' सम्मान
AajTak
पाकिस्तान की सेना ने संघीय सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तारड़ को सितारा-ए-इम्तियाज़ (देश का एक बड़ा नागरिक और सैन्य सम्मान) देने की घोषणा की है. यह सम्मान उन्हें हालिया भारत-पाक संघर्ष के दौरान 'ऑपरेशन सिंदूर' में निभाई गई भूमिका के लिए दिया जाएगा.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भौंहें चढ़ाने वाला कदम उठाते हुए पाकिस्तान की सेना ने संघीय सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तारड़ को सितारा-ए-इम्तियाज़ (देश का एक बड़ा नागरिक और सैन्य सम्मान) देने की घोषणा की है. यह सम्मान उन्हें हालिया भारत-पाक संघर्ष के दौरान 'ऑपरेशन सिंदूर' में निभाई गई भूमिका के लिए दिया जाएगा.
तारड़ का रिकॉर्ड सिर्फ डिजिटल प्रोपेगेंडा तक सीमित नहीं है. 23 जून को उन्होंने पाकिस्तान में आयोजित बुन्यानुम मर्सूस नामक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी सम्मानित किए गए. इनमें अमेरिकी प्रतिबंध सूची में शामिल कारी याकूब शेख, जो हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद का करीबी है और पहलगाम आतंकी हमले का साजिशकर्ता लश्कर कमांडर सैफुल्लाह कसूरी शामिल थे. शेख पर 2013 में श्रीनगर के सीआरपीएफ कैंप पर आत्मघाती हमले की साजिश और भारतीय प्रधानमंत्री को धमकी देने का आरोप भी है.
प्रोपेगेंडा बढ़ाने के लिए X बैन हटाया
ध्यान देने वाली बात यह है कि 7 मई को, जब भारत-पाक तनाव चरम पर था, इस्लामाबाद ने अचानक 15 महीने से लागू X (पूर्व में ट्विटर) पर लगा प्रतिबंध हटा लिया. इसके बाद, पाकिस्तान समर्थित खातों की बाढ़ आ गई, जिन्होंने वापसी कर रहे पाकिस्तानी यूजर्स के बीच छिपकर भारत की सेना के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाना शुरू कर दिया.
फर्जी कंटेंट से भरी डिजिटल दुनिया
अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले से लेकर भारत की जवाबी कार्रवाई तक, पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा मशीन ने पुराने इंडोनेशियाई वीडियो, यूक्रेन-रूस युद्ध की तस्वीरें, और 2023 के मॉस्को आग हादसे की फुटेज को भारतीय वायु रक्षा हमले के रूप में पेश किया.

अमेरिका ने होर्मुज के समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है. अमेरिकी राष्पति ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि उनके साथी देश (नाटो) इस लड़ाई में साथ नहीं दे रहे हैं. इस हमले का मकसद तेल की सप्लाई को बहाल करना और ईरानी मिसाइलों के खतरे को खत्म करना है.

ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.

महायुद्धघ का आज 18वा दिन है. जहां मिसाइल-बम-रॉकेट के बीच इस वक्त सस्पेंस, थ्रिलर और सवालों की पहेली भी उलझती जा रही है. ईरान से जंग शुरू करने की अमेरिका में विरोध शुरू हो गया है अमेरिका की काउंटर टेरिरज्म सेंटर के निदेशक ने ईरान से युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे दिया है. जो कैंट नाम के अफसर ने ट्रंप पर इजरायल के दबाव में युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया. दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है. इस अफसर ने अमेरिका में यहूदी लॉबी को भी आड़े हाथों लिया.

पश्चिम बंगाल में 15 मार्च को चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ. तभी से कोलकाता से दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा हुआ है. एक समय था जब बीजेपी, टीएमसी की लिस्ट आने का इंतजार करती थी. उस हिसाब से अपनी रणनीति बनाती थी. लेकिन इस बार बीजेपी की आक्रामक रणनीति देखने को मिल रही है. बीजेपी ने टीएमसी की लिस्ट से एक दिन पहले ही ऐलान कर दिया कि, इस बार भी शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को घेरने के लिए तैयार हैं. कल बीजेपी ने ऐलान किया कि, शुभेंदु नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से लड़ेंगे तो आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा.








