
'धुरंधर: द रिवेंज' पर विदेशी मीडिया क्या कह रहा है?
BBC
धुरंधर 2 पर कई विदेशी मीडिया ने प्रतिक्रिया दी है. कुछ समीक्षकों ने फ़िल्म में अत्यधिक हिंसा की आलोचना की है तौ कुछ ने मौजूदा सियासी माहौल की तरफ़ इशारा किया है.
धुरंधर: द रिवेंज (धुरंधर 2) की धमाकेदार कमाई ने हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में नई जान फूंक दी है, मगर इसकी गूंज के साथ मतभेदों की आवाज़ भी उतनी ही तेज़ सुनाई दे रही है.
एक तरफ दर्शक इसे ब्लॉकबस्टर का दर्जा दे रहे हैं, तो दूसरी ओर इसकी कहानी, हिंसा और डायलॉग को लेकर राय की जंग भी जारी है. फ़िल्म की चर्चा अब देश की सीमाओं से निकलकर विदेशों तक पहुंच चुकी है, जहां यह शानदार कमाई के नए रिकॉर्ड बना रही है.
लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धुरंधर: द रिवेंज पर क्या लिखा जा रहा है? विदेशी प्रकाशनों और समीक्षकों की प्रतिक्रिया कैसी रही है? आइए एक नज़र डालते हैं.
मशहूर अमेरिकी अख़बार द न्यू यॉर्क टाइम्स में 'धुरंधर: द रिवेंज' की समीक्षा छपी है.
इसमें समीक्षक निकोलस रापोल्ड फ़िल्म की हिंसा पर जमकर निशाना साधते हुए लिखते हैं, "इस अत्यधिक हिंसक और उग्र सीक्वल में रणवीर सिंह एक अंडरकवर भारतीय एजेंट के रूप में लौटते हैं, जो एक तरफ़ राजनीतिक गैंगस्टर , तो दूसरी तरफ़ आतंकवाद के खिलाफ लड़ने वाला हत्यारा है."
इस रिव्यू का शीर्षक ही है: 'अ लाइसेंस टू किल, अ लॉट' जिसमें अमेरिकी फ़िल्म समीक्षक निकोलस रापोल्ड ने लिखा है,
"मन को सुन्न कर देने वाली हिंसा हर दृश्य में छाई है, जिसमें ज़िंदा जलाना और प्वाइंट-ब्लैंक पर हत्याएं आम बात हैं, साथ ही परिवारों को मिटाने की धमकियां भी शामिल हैं. संगीत बैकग्राउंड के रूप में इसे और अधिक तीव्र बनाता है, जैसे आप किसी फर्स्ट-पर्सन शूटर गेम की पृष्ठभूमि में हों, जिससे हिंसा और अधिक भयानक और वास्तविक लगती है."
