
धुरंधर: जब आदित्य धर का सपना फ़वाद ख़ान के कारण टूटा
BBC
कई फ़िल्म विशेषज्ञ जहां फ़िल्मों में डीटेलिंग के लिए आदित्य धर की तारीफ़ करते हैं तो वहीं उन पर प्रोपेगेंडा फ़िल्म बनाने के भी आरोप लगते हैं. फ़िल्मों में अब तक कैसा रहा उनका सफ़र?
आज कहानी उस सफ़र की जहां क्रिकेट की पिच पर गेंद भले ही स्पिन न ले पाई हो, लेकिन असली घटनाओं के 'फ़िल्मी स्पिन' ने पर्दे पर इतिहास रच दिया.
बात हो रही है आदित्य धर की जिनकी 'धुरंधर द रिवेंज' बॉक्स ऑफिस पर नए कीर्तिमान बना रही है.
मैंने ये हिंदी फ़िल्म लंदन के एक सिनेमाघर में देखी जो हाउसफुल था. हिंदी फ़िल्मों के लिए इस तरह का क्रेज़ या हाउसफुल होना वहां आज भी आम बात नहीं है. लेकिन उससे भी अलग एक बात और थी, जो आम नहीं है- जब फिल्म के क्रेडिट रोल में लेखक-निर्देशक आदित्य धर का नाम पर्दे पर आया, तो पूरे हॉल में तालियां गूंज उठी.
यह पल इसलिए भी खास था, क्योंकि आमतौर पर भारतीय व्यावसायिक सिनेमा में तालियां सिर्फ़ स्टार्स के लिए बजती हैं, निर्देशक या लेखक के लिए नहीं.
इस बदलाव के केंद्र में हैं आदित्य धर, वह शख्स जिन्होंने धुरंधर की दुनिया स्क्रीन पर जीवंत की.
धुरंधर की कहानी आप जानते हैं, लेकिन इसे रचने वाले आदित्य धर की कहानी क्या है?
यह कहानी है उस लड़के की, जिसका सपना क्रिकेट की पिच पर अपनी स्पिन से बल्लेबाज़ों को चकमा देने का था.
