
BJP वर्कशॉप में बोले CM योगी- मीडिया युद्ध होगा 2022 का चुनाव, हमें जमकर लड़ना और जीतना है
Zee News
सीएम योगी आदित्यनाथ ने भाजपा प्रवक्ताओं, मीडिया पैनलिस्ट्स और कार्यकर्ताओं से कहा कि हमको लिखने की आदत डालनी होगी. आजकल इंटरनेट मीडिया पर ऐसे लोग बेहद सक्रिय हैं, जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं है. हम जितना अधिक लिखेंगे, उतने लोगों तक हमारी बात भी पहुंचेगी.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी की राज्य स्तरीय मीडिया वर्कशॉप के समापन सत्र को संबोधित किया. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं की मौजूदगी में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस एक दिनी मीडिया वर्कशॉप का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को गोरखपुर के बाद अलीगढ़ होकर सीधा लखनऊ में भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचे और मीडिया वर्कशॉप में शामिल हुए. हम जितना अधिक लिखेंगे, उतने लोगों तक हमारी बात पहुंचेगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने भाजपा प्रवक्ताओं, मीडिया पैनलिस्ट्स और कार्यकर्ताओं से कहा कि हमको लिखने की आदत डालनी होगी. आजकल इंटरनेट मीडिया पर ऐसे लोग बेहद सक्रिय हैं, जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं है. हम जितना अधिक लिखेंगे, उतने लोगों तक हमारी बात भी पहुंचेगी. यूपी भाजपा की इस कार्यशाला में पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा भी आए थे.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










