
संजय कपूर की कंपनी ने मां के आरोपों का किया खंडन, कहा - AGM स्थगित करने का कोई कानूनी आधार नहीं
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सोना कॉमस्टार ने पूर्व चेयरमैन संजय कपूर की मां रानी कपूर के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एजीएम स्थगित करने का कोई कानूनी आधार नहीं. कंपनी ने जबरदस्ती दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने के आरोपों को भी खारिज किया.
ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग्स लिमिटेड (सोना कॉमस्टार) ने अपने दिवंगत चेयरमैन संजय कपूर की मां रानी कपूर द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है. रानी कपूर ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे की अचानक मौत के बाद कंपनी ने जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए और कंपनी की सालाना बैठक (AGM) को लेकर अनुचित फैसले लिए.
शुक्रवार को सोना कॉमस्टार ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि कंपनी की सालाना बैठक का आयोजन जो कि 25 जुलाई को हुई वो पहले से निर्धारित समय और कानूनी सलाह के अनुसार ली गई. इस बैठक को टालना संभव नहीं था. कंपनी ने कहा कि वह पारदर्शिता और कॉरपोरेट गवर्नेंस के उच्च मानकों के लिए प्रतिबद्ध है.
रानी कपूर के आरोपों का जवाब बताया जा रहा है कि रानी कपूर ने कंपनी को सालना बैठक टालने के लिए एक पत्र लिखा था, जो कि कंपनी को 24 जुलाई को मिली. कंपनी का कहना है कि उनके पास सालना बैठक टालने के लिए कोई कानूनी आधार नहीं था और साथ ही रानी कपूर कंपनी की शेयरधारक नहीं हैं. शेयरहोल्डिंग और बोर्ड में बदलाव को लेकर भी सफाई
सोना कॉमस्टार ने इस बीच कंपनी के शेयरधारकों के बारे में जानकारी साझा की है. सोना कॉमस्टार ने बताया कि संजय कपूर RK फैमिली ट्रस्ट के एकमात्र मालिक थे. यही ट्रस्ट ऑरियस इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड का हिस्सा है, जो कंपनी का 28.02 प्रतिशत शेयरधारक है. बाकी 71.98 प्रतिशत शेयर आम लोगों के पास हैं. कंपनी के अनुसार, रानी कपूर 2019 से ही कंपनी की शेयरधारक नहीं हैं.
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संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव कपूर को प्रमोटर कंपनी की ओर से नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में नामित किया गया और बोर्ड ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी.

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