
दलितों को मरने के बाद श्मशान घाट भी उपलब्ध नहीं, बारिश में डीजल और टायर से जलाई गई चिता
NDTV India
भले ही हमारा देश आजादी की 75 वीं सालगिरह मना रहा है, लेकिन आज भी हमारे देश में कुछ गांव ऐसे हैं जहां पर दलितों (Dalits) को मरने के बाद श्मशान घाट (Cremation Ground) तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं.
भले ही हमारा देश आजादी की 75 वीं सालगिरह मना रहा है, लेकिन आज भी हमारे देश में कुछ गांव ऐसे हैं जहां पर दलितों (Dalits) को मरने के बाद श्मशान घाट (Cremation Ground) तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं. ताजा मामला सामने आया है गुना जिले (Guna District) के बांसाहैड़ा खुर्द गांव में, जहां पर 45 वर्षीय रामकन्या बाई हरिजन का कल सुबह 10 बजे निधन हो गया था. हालांकि तेज बारिश के चलते मृतक का शव डेढ़ घंटे तक घर में ही रखा रहा. बारिश बंद ना होने के कारण परिवार और गांव वाले मिलकर कीचड़ के रास्ते से श्मशान घाट तक पहुंचे.More Related News

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