
ZEEL-Invesco विवाद में अपना नाम आने पर RILIENCE का आया बयान; इन्वेस्को की खुली पोल
Zee News
ZEEL-Invesco Case: ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) और इन्वेस्को (Invesco) के मामले में अहम मोड़ आ गया है. इन्वेस्को अपने ही जाल में खुद फंसता नजर आ रहा है. इन्वेस्को ने अपने बयान में बताया था कि उसने Zee का मर्जर रिलायंस के साथ कराने की कोशिश की थी.
नई दिल्ली: ZEEL-Invesco Case: ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) और इन्वेस्को (Invesco) के मामले में अहम मोड़ आ गया है. इन्वेस्को अपने ही जाल में खुद फंसता नजर आ रहा है. इन्वेस्को ने अपने बयान में बताया था कि उसने Zee का मर्जर रिलायंस के साथ कराने की कोशिश की थी. अब इस मामले में रिलायंस ने भी स्टेटमेंट जारी किया है. रिलायंस ने कहा है कि वो अपने मीडिया प्रॉपर्टीज का मर्जर Zee के साथ करने की कोशिश की थी लेकिन हिस्सेदारी को लेकर सहमति नहीं बन पाई. हालांकि, रिलायंस ने इस बात की पुष्टि की है कि मर्जर के बाद जो पुनीत गोयनका (Punit Goenka) को ही MD और CEO बनाए रखने की तैयारी थी. रिलायंस ने इन्वेस्को के बयान पर सफाई जारी करते हुए कहा कि 'ज़ी और इनवेस्को के बीच विवाद में नाम आने का हमें खेद है. मीडिया में आ रही खबरें सही नहीं हैं.'
इन्वेस्को ने की थी मर्जर के लिए बातचीत में मदद जानकारों का यह भी मानना है कि मामले में इन्वेस्को का रोल समझ नहीं आ रहा है. SEBI और दूसरी एजेंसियों को अब इस मामले में जांच जरूर करनी चाहिए. इस बीच रिलायंस ने जो स्टेटमेंट जारी किया है, उसमें बताया गया कि फरवरी-मार्च 2021 में इन्वेस्को ने हमारे प्रतिनिधियों और ज़ी के संस्थापक परिवार के सदस्य और प्रबंध निदेशक पुनीत गोयनका (Punit Goenka) के बीच सीधे बातचीत में रिलायंस की मदद की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









