
West Bengal Election 2021: Prashant Kishor के बचाव में उतरी TMC, पूरा ऑडियो शेयर करने की मांग
Zee News
Clubhouse audio Chat Leaked: प्रशांत किशोर का ऑडियो टेप लीक होने के बाद बीजेपी लगातार हमलावर है. TMC खुल कर प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) के समर्थन में उतर आई है.
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस ऑडियो टेप मामले में अपने राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) के खुले बचाव में उतर आई है. पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2021) के बीच चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के एक कथित ऑडियो टेप ने भूचाल ला दिया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने प्रशांत किशोर का पत्रकारों से क्लबहाउस चैट का एक ऑडियो जारी किया है. चैट में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) का चुनावी कैंपेन संभाल रहे प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) कुछ पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुनाई दे रहे हैं. बातचीत में प्रशांत किशोर कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पश्चिम बंगाल में बेहद लोकप्रिय हैं, जो उन तीन फैक्टर (कारक) में से एक है, जो यह तय करेगा कि कौन सा दल राज्य में विधान सभा चुनाव जीतेगा.
Army Parade Autonomous Utility Logistics Vehicle: यह वाहन एक कॉम्पैक्ट, लो-प्रोफाइल और ट्रैक्ड रोबोटिक प्लेटफॉर्म है. जिसे बेहद मुश्किल और खतरनाक इलाकों में काम करने के लिए तैयार किया गया है. ड्रोन, आर्टिलरी और प्रिसिजन हथियारों के बढ़ते खतरे को देखते हुए, यह वाहन उन इलाकों में सप्लाई पहुंचाने के लिए बनाया गया है. जहां सैनिकों के साथ जाने वाले काफिले जोखिम में होते हैं.

Naval propulsion system India: भारत की दिग्गज कंपनी Bharat Forge अब जमीन और आसमान के बाद समंदर की लहरों पर राज करने की तैयारी में है. कंपनी के चेयरमैन Baba Kalyani ने एक बहुत बड़ा ऐलान किया है, जिससे भारतीय नौसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. अब देश के युद्धपोतों को चलाने के लिए विदेशी इंजनों या उनके पुर्जों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, क्योंकि भारत ने अपना खुद का 'नेवल प्रोपल्शन सिस्टम' यानी जहाज को चलाने वाली मशीनरी बनाना शुरू कर दिया है.

Indian anti drone system: सरहदों पर और संवेदनशील इलाकों में दुश्मन के ड्रोन अब मनमानी नहीं कर पाएंगे. भारतीय रक्षा क्षेत्र की एक और कंपनी ने एक ऐसा 'शिकारी' तैयार किया है, जो आसमान में उड़ते हुए ड्रोन को ढूंढकर उसे वहीं खत्म कर देगा. यह कोई साधारण बंदूक नहीं, बल्कि एक गाइडेड मिसाइल सिस्टम है जिसे छोटे ड्रोन को मारने के लिए ही बनाया गया है.

Rafale Deliveries: भारत में बनने वाला प्लांट सिर्फ भारतीय वायुसेना के लिए नहीं होगा. Dassault की योजना इसे एक ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के तौर पर विकसित करने की है. जहां से दुनिया के दूसरे देशों को भी राफेल सप्लाई किए जा सकें. यह भारत को वैश्विक एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की सोच से भी मेल खाती है.

Indian Navy Shipyards: रक्षा मंत्रालय (MoD) ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) और हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) जैसे सरकारी शिपयार्ड्स को खास निर्देश दिए हैं. इन निर्देशों के तहत डॉकिंग और निर्माण क्षमता बढ़ाई जाएगी. ताकि भारत में बने युद्धपोतों का निर्यात आसान और तेज हो सके.

India Russia SU-57 Deal: भारत क्या रूस से SU-57 खरीदेगा. रूस ने एक बाद एक ऑफर भारत के सामने पेश किया है. रोस्टेक कंपनी के सीईओ ने सीईओ ने भारत जिस राफेल डील के पीछे जा रहा है, हम उतने ही पैसे में 5वीं पीढ़ी के 230 फाइटर जेट देंगे. यानी दोगुने से भी ज्यादा फाइटर जेट भारत को मिलेंगे. वर्तमान में फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट को लेकर भारत से फ्रांस की बातचीत चल रही है.

Indian Navy S5 Class SSBN Construction: चीन और पाकिस्तान की बढ़ती नौसैनिक ताकत भारत के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुए S5 पनडुब्बियों को बेहद आधुनिक स्टेल्थ तकनीक से लैस किया जा रहा है. इनमें 190 मेगावॉट का प्रेसराइज्ड वाटर रिएक्टर होगा. इसे पूरी तरह स्वदेशी रूप से भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) ने विकसित किया है.

Indian Navy Kamikaze Drones for Maritime Strike: इन मैरीटाइम लॉइटरिंग म्यूनिशन की रेंज अधिक होगी. नौसेना के जहाज दुश्मन के तट और जहाजों पर काफी दूर से हमला कर सकेंगे. इससे दुश्मन के तटीय डिफेंस सिस्टम और एंटी-शिप हथियारों का खतरा कम होगा. इन ड्रोन को दोहरी भूमिका के लिए तैयार किया जा रहा है. जमीन पर मौजूद ठिकानों के साथ-साथ दुश्मन के युद्धपोतों पर भी हमला किया जा सकेगा.

Reliance Will buy oil from Venezuela: अमेरिका के 500 प्रतिशत टैरिफ के जवाब की तैयारी भारत कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले तो रूस से तेल खरीदना कम कर रहा है. इसके अलावा दूसरी तरफ भारतीय निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां वेनेजुएला से तेल खरीदने को तैयार हो गई हैं, यह वही तेल होगा, जिसपर अमेरिका का स्वामित्व होगा.




